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ग्राम पंचायत की मनमानी: नौ माह में एक ही स्थान बना दी तीन सीसी सडक़, कर ली 14.25 लाख रूपए की निकासी

पंच परमेश्वर और राज्य वित्त आयोग जपं स्तर पर कराया निर्माण, जिपं सीईओ ने बैठाई तीन सदस्यी जांच टीम

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Gram Panchayat arbitrary: three cc road made in one place in nine mont

ग्राम पंचायत की मनमानी: नौ माह में एक ही स्थान बना दी तीन सीसी सडक़, कर ली 14.25 लाख रूपए की निकासी

अनूपपुर। पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत रौसरखार में ग्राम पंचायत सरपंच और सचिव की मनमानी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसमें नियम विरूद्ध ग्राम पंचायत के विकास कार्यो में एक ही स्थान पर नौ माह के दौरान तीन सडक़ों का निर्माण करा कर १४.२५ लाख की राशि का आहरण कर लिया गया। वर्ष २०१८ से २०१९ के दौरान हुए निर्माण कार्य में मूल्यांकन के लिए नियुक्त उपयंत्री से लेकर योजना स्वीकृति प्रदान करने वाले अधिकारियों ने इसकी जांच तक नहीं की। इसका खुलास सामने आने पर अब जिला पंचायत सीईओ ने तीन सदस्यी टीम गठित कर जांच रिपोर्ट मांगी है। जिपं सीईओ ने जिला पंचायत कार्यालय के ही अधिकारियों की टीम में शामिल कर जांच के निर्देश दिए हैं। पुष्पराजगढ़ जपं सीईओ संतोष कुमार वाजपेयी ने बताया कि सूचना सामने आने पर जिपं सीईओ ने गम्भीरता दिखाते हुए तत्काल जांच टीम बैठाई है। उन्होंने बताया कि यह आश्चर्य की बात है कि एक ही स्थान पर नौ माह के दौरान तीन सडक़ निर्माण की कैसे मंजूरी मिल गई। दरअसल ग्राम पंचायत द्वारा श्यामबाई के घर से करौंदाटोला तक लगभग १८० मीटर लम्बी सीसी सडक़ निर्माण का प्रस्ताव बनाया गया था। जिसमें जिला पंचायत संचानालय विभाग अंतर्गत पंच परमेश्वर योजना से ४ लाख ७५ हजार की लागत से १४ अप्रैल २०१८ को सीसी सडक़ निर्माण का कार्य स्वीकृत हुआ। लेकिन ग्राम पंचायत ने यहां निर्धारित लम्बाई की सडक़ का निर्माण कार्य नहीं कराया गया। आधी अधूरी सडक़ निर्माण कार्य कराते हुए राशि आहरित कर ली गई। फिर इसी सडक़ निर्माण कार्य श्यामबाई के घर से करौंदाटोला सडक़ के लिए पंचायत राज्य संचालनालय राज्य वित्त आयोग जनपद पंचायत स्तर योजना से ४ लाख ७५ हजार की लागत से २ अक्टूबर २०१८ को सीसी सडक़ निर्माण की योजना स्वीकृत हुई। यहां भी पंचायत अपनी मनमानी में सडक़ निर्माण कराते हुए राशि आहरित कर ली। इसके तीन माह बाद १ जनवरी २०१९ को इसी सडक़ के लिए पंच परमेश्वर योजना के तहत ४ लाख ७५ हजार २०० रूपए की लागत से सीसी सडक़ निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया।
बॉक्स: निर्धारित स्थल से नहीं कराया कार्य
आश्चर्य की बात यह है कि ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्तावित सीसी सडक़ योजना में श्यामबाई के घर से करौंदाटोला तक निर्माण कराया जाना था। लेकिन यहां ग्राम पंचायत की मनमानी हावी रही और निर्धारित निर्माण कार्य आरम्भ स्थल की बजाय बीच वाले हिस्से में पडऩे वाली स्कूल से करौंदाटोला तक लगभग १००-१२० फीट लम्बी सडक़ का आधा अधूरा निर्माण कराकर छोड़ दिया। लेकिन यहां तीनों ही प्रस्तावित योजना की सभी राशि आहरित कर ली। हालात यह है कि श्यामबाई के घर तक आजतक कोई सडक़ बनाया ही नहीं जा सका है।
बॉक्स: सीसी सडक़ निर्माण बाद नहीं कराया जा सकता पुन: निर्माण
ग्राम पंचायत सडक़ निर्माण योजना के तहत ग्राम पंचायतों में प्रस्तावित सीसी सडक़ निर्माण के बाद में खराब होने पर तत्काल सडक़ निर्माण का प्रस्ताव पारित नहीं किया जा सकता। इसके लिए शासकीय स्तर पर सुधार या मरम्मती कार्य ही सम्भव है। लेकिन ग्राम पंचायत ने १४ अप्रैल २०१८ से १ जनवरी २०१९ के बीच मात्र नौ माह में तीन सडक़ की प्रस्तावित योजना को लाते हुए निर्माण कार्य करा दिया।
बॉक्स: ग्रामीणों ने जपं कार्यालय में की शिकायत
ग्राम पंचायत द्वारा पिछले पांच सालों में पंचायत में कराए गए विकास कार्यो में बरती गई अनियमितताओं को लेकर जनपद पचंायत पुष्पराजगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। जिसमें ग्रामीणों ने सीईओ को शिकायती पत्र देते हुए मनरेगा में कराए गए कार्य में फर्जी लोगों के नामों की सूची और भुगतान, पुलिया निर्माण में घटिया निर्माण, पुराने कुओं की मरम्मती कार्य कर नए कुंओं के रूप में राशि भुगतान सहित अन्य अनियमितताओं को शामिल किया है। जिसपर सीईओ ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
वर्सन:
इस सम्बंध में शिकायत मिली थी, जिसपर जिपं सीईओ द्वारा तीन सदस्यी जांच कमेटी बनाई गई है। टीम द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार बाजपेयी, सीईओ जपं पुष्पराजगढ़।
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