16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अधूरा रह गया होमसाइंस कॉलेज का सपना

उच्च शिक्षा से वंचित हो रहीं क्षेत्र की लाडलिया

2 min read
Google source verification
Homescience College dream of incomplete stay

Homescience College dream of incomplete stay

अधूरा रह गया होमसाइंस कॉलेज का सपना
उच्च शिक्षा से वंचित हो रहीं क्षेत्र की लाडलिया
अनूपपुर. जिलेभर के कॉलेजों में आगामी सत्र से हर विषयक की पढ़ाई तो होगी, लेकिन होम साईंस की शिक्षा ग्रहण करने वाली जिले की हजारों छात्राओं को इस शिक्षा से वंचित रहना होगा। इसके लिए या तो उन्हें अन्य जिलों में नामांकरण कर शिक्षा प्राप्त करनी होगी या फिर अधूरी शिक्षा को समाप्त कर घर बैठना होगा। अनूपपुर जिले में कन्याओं को सुरक्षित शिक्षा उपलब्ध कराने अबतक कोई भी कन्या या महिला महाविद्यालय नहीं खोला जा सका है। सामान्य कॉलेजी शिक्षा में परिसर में बाहरी युवकों के प्रवेश तथा महिला सुरक्षा में लगने वाली सेंध से नाराज अनूपपुर तुलसी महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा होमसाईंस कॉलेज की मांग की गई। जिसमें वर्ष २०१५ के जून माह में जिला पंचायत की सामान्य सभा एवं सामान्य प्रशासन समिति की बुलाई गई बैठक तथा उनमें बने होमसाईंस कॉलेज की प्रस्ताव सरजमीं के अभाव आजतक संचालित नहीं हो सकी। जबकि जिले में होमसाईंस कॉलेज की सहमति में तत्कालीन सदस्यों में कोतमा विधायक मनोज अग्रवाल, जिपं सीईओ केवीएस चौधरी, जिपं पूर्व उपाध्यक्ष स्व. एमएन सिंह, सदस्य रामपाल सिंह लहरू, गीता साहू, वीरेन्द्र सिंह मरावी, द्रौपदी प्रजापति सहित विभिन्न विभागों के शासकीय पदाधिकारियों ने अनुमोदन पर अपनी सहमति प्रदान की थी। बावजूद प्रस्ताव के दो साल बाद भी होमसार्इंस कॉलेज का सपना युवा छात्राओं के लिए अधूरा रह गया।
अग्रणी तुलसी कॉलेज की जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिलेभर के शासकीय कॉलेजों में कन्या छात्राओं की संख्या लगभग १५०० से अधिक है। जबकि होम साईंस शिक्षा के अभाव में अधिकांश छात्राएं जिले से बाहर रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही है। शिक्षा विभाग के प्रावधानों के अनुसार कम से कम १०० से अधिक छात्र-छात्राओं का होना आवश्यक है। और अनूपपुर में प्रतिवर्ष के आंकड़ों में उच्च विद्यालयों से लगभग ८०० से अधिक छात्राएं पासआउट होती है। इनमें अनूपपुर तुलसी महाविद्यालय, जैतहरी कॉलेज, कोतमा कॉलेज, बिजुरी कॉलेज, पुष्पराजगढ़ कॉलेज की छात्राएं शामिल हैं। लेकिन उच्च शिक्षा में होम साईंस की शिक्षा का कोर्स किसी कॉलेज में नहीं संचालित किया जाता है। जिसके कारण छात्राएं होम साईंस विषयक से वंचित हो रही है।
जमीनी फेर, कॉलेजों पर बढ़ा दवाब
होमसाईंस कॉलेज जमीनी अड़चनों में दबती चली गई। शुरूआती दौर में समिति के सदस्यों ने वर्तमान जिला न्यायालय परिसर के नए प्रस्तावित भवन में संचालन की बात सोचते हुए खाली होने वाले न्यायालय परिसर को होमसाईंस कॉलेज में परिवर्तन करने की मंशा बनाया था। सदस्यों का कहना था कि कॉलेज की जमीन वाली वर्तमान न्यायालय परिसर भवन निर्माण उपरांत खाली हो जाएगी। लेकिन न्यायालय परिसर के जमीनी आवंटन में भी सालभर से ज्यादा समय बीत गया। वहीं छात्राओं के वर्तमान आंकड़ों को देखा जाए तो तुसली कॉलेज में ९०० से अधिक लगभग ७० फीसदी, कोतमा में ५००, जैतहरी में ६० तथा पुष्पराजगढ़ में ३५० से अधिक छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इसका मुख्य कारण जिले में कन्याओं के लिए एक भी सुरक्षित कॉलेज नहीं होना शामिल है।
इनका कहना है
प्रशासकीय स्तर पर यह प्रस्ताव बनाया गया है, लेकिन इस सम्बंध में आगे की अन्य कार्ययोजनाओं के सम्बंध में हमारे पास कोई जानकारी नहीं आई है। हमने प्रशासन से इस सम्बंध में पत्राचार कर कन्या महाविद्यालय खोले जाने की अपील की है।
एसी जैन, प्राचार्य, तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर।