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अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज अर्जुन अवार्ड सम्मानित ओंकार सिंह को प्रबंधन ने दिया आवास खाली करने का नोटिस

2002 में पिता को कॉलरी प्रबंधन ने आवास किया था आवंटित, बाद में ओंकार सिंह को आवास देने की थी घोषणा

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International shooter Arjuna Award honored Omkar Singh, management gav

अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज अर्जुन अवार्ड सम्मानित ओंकार सिंह को प्रबंधन ने दिया आवास खाली करने का नोटिस

अनूपपुर। वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम में तीन स्वर्ण पदक जीतकर नगर, जिला सहित देश विदेश में ख्याति प्राप्त करने वाले ओंकार सिंह को अब एसईसीएल प्रबंधक ने भालूमाड़ा कॉलरी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया है। जिसमें सात दिनों की मोहलत दी गई है। इस नोटिस को लेकर स्थानीय नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है। बताया जाता है कि यह मकान ओंकार के पिता स्व. दिनेश सिंह के नाम आवंटित की गई थी, वहीं कॉमनवेल्थ गेम में बेहतर प्रदर्शन पर कॉलरी द्वारा आवास आवंटन की घोषणा की गई थी। लेकिन कॉलरी द्वारा अबतक इन्हें आवास तो नहीं दिया गया, पूर्व में पिता के नाम से आवंटित मकान में अबतक गुजर रहे समय को ही खाली करने का आदेश जारी किया गया है। नगर में जन्मे पले और यहां की स्कूलों में पढ़ाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज एवं भारत सरकार के अर्जुन अवार्ड से सम्मानित ओंकार सिंह ने राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक निशानेबाजी में देश का गौरव बढ़ाया है। ओंकार सिंह के पिता स्व. दिनेश सिंह एसईसीएल हाई स्कूल में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। ओंकार सिंह के दादा श्रतीदेव सिंह भी कॉलरी में कार्यरत थे और भालूमाड़ा कॉलरी के २ नंबर कॉलोनी में इनका आवास आवंटन कॉलरी द्वारा किया गया था। उनके पिताजी के नाम पर और शुक्रवार 8 जनवरी को एसईसीएल प्रबंधन द्वारा ओंकार सिंह के नाम से उन्हें आवास खाली कराए जाने का नोटिस दिया गया है। जबकि आवास ओंकार सिंह के पिता जब एसईसीएल हाई स्कूल में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे तब उन्हें यह आवास प्रबंधन द्वारा आवंटित किया गया था। नागरिकों का कहना है कि इस मिट्टी के लिए जिस नौसेना जवान ने सभी का मान गौरव सम्मान बढ़ाया है उसे कालरी प्रबंधन इस तरह की नोटिस कैसे दे सकती है। यह नोटिस नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी का अपमान है।
बॉक्स: सात दिनों की दी मोहलत
नोटिस में लिखा गया है आपने कंपनी के गोविंदा कोतमा कॉलोनी में स्थित आवास क्रमांक एम17 दो नंबर दफाई में लगातार अनाधिकृत रूप से कब्जा करके रह रहे हैं। आपको सलाह दी जाती है कि सात दिवस के भीतर कब्जे वाला आवास खाली करके लिखित रूप से गोविंदा सुरक्षा विभाग को सुपुर्द कर दें। अन्यथा आप पर पैनल रेंट की वसूली कंपनी आवास खाली कराने की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जबकि ओंकार सिंह के पिता स्व. दिनेश सिंह जब एसईसीएल के हाई स्कूल कोतमा कॉलरी में शिक्षक के पद पर पदस्थ हुए थे तब तत्कालीन प्रबंधन ने 5 शिक्षकों को कॉलरी का आवास आवंटित किया था। 20 जन 2002 को जारी पत्र उप क्षेत्रीय प्रबंधक कोतमा गोविंदा क्षेत्र ने लिखा था कि कोतमा वेस्ट कॉलरी की अनुशंसा के आधार पर एजुकेशन सोसायटी एसईसीएल हाई स्कूल कोतमा कालरी में कार्यरत शिक्षकों को आवास आवंटित किया गया। जिसमें 4 शिक्षकों के साथ-साथ ओंकार सिंह के पिता दिनेश सिंह का भी नाम दर्ज है। वहीं कॉमनवेल्थ गेम से वापसी आने पर 25 दिसंबर 2010 को कोतमा कॉलरी क्लब प्रांगण में एसईसीएल प्रबंधन सहित अनूपपुर जिला प्रशासन द्वारा ओंकार सिंह का सम्मान करते हुए उन्हें अभिनंदन पत्र के साथ एक ए-टाइप आवास आवंटन की घोषणा की गई थी।
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