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कोयलांचल के नवगठित निकायों में भूमि का रोड़ा, करोड़ों के विकास कार्य अटके

अनूपपुर. नवगठित तीन नगरीय निकाय नगर परिषद डोला, बनगवा और डूमर कछार एसईसीएल हसदेव क्षेत्र की अधिग्रहित भूमि के अंतर्गत आते हैं। कोयलांचल क्षेत्र से होने के कारण यहां राजस्व की भूमि उपलब्ध नहीं है। कॉलरी प्रबंधन नगर परिषद के होने वाले विभिन्न विकास कार्यों में भूमि को लेकर अडंगा लगा देता है। भूमि उपलब्ध […]

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अनूपपुर. नवगठित तीन नगरीय निकाय नगर परिषद डोला, बनगवा और डूमर कछार एसईसीएल हसदेव क्षेत्र की अधिग्रहित भूमि के अंतर्गत आते हैं। कोयलांचल क्षेत्र से होने के कारण यहां राजस्व की भूमि उपलब्ध नहीं है। कॉलरी प्रबंधन नगर परिषद के होने वाले विभिन्न विकास कार्यों में भूमि को लेकर अडंगा लगा देता है। भूमि उपलब्ध न होने के कारण शासन के विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। हितग्राही मूलक एवं नगर के विकास से संबंधित कार्य बीते कई महीनों से इसी फेर में अटके हुए हैं। नगर परिषद बनगवा, डोला, डूमर कछार तीनों में मुख्यमंत्री अधो संरचना विकास योजना एवं कायाकल्प योजना के तहत सड़क, नाली, जन उपयोगी सामुदायिक भवन तथा अन्य निर्माण कार्य किया जाना है। तीनों नगर परिषद को यह राशि शासन से स्वीकृत हुई है। जिले के अन्य नगरीय निकायों में कार्य पूर्ण भी कर लिए गए हंै लेकिन इन तीनों ही निकायों मेंं कॉलरी की भूमि होने के कारण कॉलरी प्रबंधन इन कार्यों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दे रहा है। कार्य किए जाने के दौरान इन पर रोक भी लगा दी जाती है।

सभी कार्य प्रभावित

नगर परिषद डूमर कछार के अध्यक्ष सुनील कुमार चौरसिया ने बताया कि शासन से कायाकल्प योजना और अधो संरचना विकास योजना के अंतर्गत राशि प्राप्त हुई है लेकिन भूमि उपलब्ध न होने के कारण हम विकास कार्य नहीं कर पा रहे हैं। आज भी नगर वासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्राम पंचायत से नगर परिषद का दर्जा तो दे दिया गया लेकिन विकास कार्य नहीं किया जा सके हैं। कोई भी कार्य प्रारंभ करते ही कॉलरी प्रबंधन संबंधित भूमि को अपना बताकर रोक लगा देता है या फिर अनापत्ति प्रदान नहीं करता है।

फिर से करा रहे सर्वे

जिला प्रशासन ने पूर्व में इन तीनों ही नगर परिषदों में कॉलरी की रिक्त भूमि का सर्वे कराते हुए इन्हें नगर परिषद को आवंटित किए जाने की योजना बनाई थी। लगातार कई दिनों तक सर्वे का कार्य भी किया गया और संबंधित भूमि को नगर परिषद को प्रदान किए जाने की मंशा से सर्वे रिपोर्ट केंद्र सरकार को अनुमति के लिए भेजी गई थी लेकिन अभी तक भूमि आवंटित नहीं की जा सकी।

भूमि आवंटित करने फिर बनाई योजना

जिला प्रशासन ने एक बार फिर से तीनों नगर परिषद में एमपीएलआरसी एक्ट के अंतर्गत कॉलरी द्वारा अधिग्रहित किए गए भूमि को सर्वे कराते हुए इसे नगर परिषद को विभिन्न विकास कार्यों के लिए आवंटित किए जाने की योजना बनाई गई है। जिसके लिए आगामी दिनों में सर्वे का कार्य प्रारंभ होगा, कुछ दिनों पूर्व इसकी बैठक भी कलेक्टर की उपस्थिति में की गई थी जिसमें इन समस्याओं को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष ने भूमि प्रदान किए जाने की मांग की थी।

एमपीएलआरसी के अंतर्गत अधिग्रहित की गई भूमि को वापस लेने का अधिकार प्रशासन को है जिसके अंतर्गत सर्वे कार्य कराया जा रहा है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। पूर्व में भी प्रस्ताव भेजे जाने की बात सामने आई थी लेकिन इसमें कुछ त्रुटि रही होगी इसी वजह से यह आवंटित नहीं हो पाया होगा। हर्षल पंचोली, कलेक्टर अनूपपुर