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शांतिपूर्ण माहौल में मना शहादत मातमी पर्व मोहर्रम, करबला में ताजिए का हुआ विसर्जन,

जुलूस निकाल ताकिए का किया नगर भ्रमण, पुलिस प्रशासन रही चाक चौकबंद

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शांतिपूर्ण माहौल में मना शहादत मातमी पर्व मोहर्रम, करबला में ताजिए का हुआ विसर्जन,

अनूपपुर। दस दिनों से चली आ रही पैगम्बर साहब के नवासे इमाम हसन हुसैन के शहदत का मातवी पर्व मोहर्रम १० सितम्बर को जिलेभर में आपसी सौहार्द एवं भाईचारे के साथ सम्पन्न हो गया। मंगलवार को मोहर्रम के नवासे में अनूपपुर समेत जैतहरी, वैंकटनगर, अमलाई, चचाई, कोतमा, भालूमाड़ा, बिजुरी, राजेन्द्रग्राम तथा राजनगर व वैंकटनगर के विभिन्न ताजिया समितियों द्वारा कुल २० ताजिए निकाले गए। मातमी पर्व मोहर्रम की बीते ९ दिनों से चली आ रही तकरीरें सोमवार को समाप्त हो गया तथा मंगलवार को दसवें रोजे के दिन सुबह से ही मातमी गीत मुस्लिम कमेटियों द्वारा बजाए गए। जिला मुख्यालय अनूपपुर में ताजिया जुलूस मंगलवार की दोपहर से पांच बजे के बीच नगर भ्रमण करने के बाद जुलूूस बस स्टैंड पहुंचा, जहां विभिन्न कमेटियों द्वारा मोहर्रम के पर्व को व्यापक रूप देने की तैयारियां की गई थी, यहां पर लगाए गए अलाव के अंगारों पर बाबा हुजूर ने चल कर सबको अचंभित किया। ताजिए जुलूस के दौरान हजारों लोंगों ने शिरकत कर सिन्नी आदि चढ़ाई। इसके साथ ही बाबा हुजूर के सामने अपनी समस्याएं तथा मन्नतें मांगी। मौके पर बाबा हुजूर ने खाली ङाोलियां प्रसाद से भर कर उन्हें आशीर्वाद दिया। इसके साथ ही जायरीन भी बाबा हुजूर से मुरादें लेने पहुंचे। बस स्टैंड में दहकते शोलो पर हुसैन के मुरीदो ने दौडक़र अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान अखाड़ो में छोटे बच्चों ने भी जमकर अपने हाथ आमजाएं। मोहर्रम की सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए स्थानीय पुलिस थाना तथा चौकी प्रशासन चाक चौबंद रहे। सुरक्षा मॉनीटरिंग के लिए स्वंय पुलिस अधीक्षक के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमान सम्भालें हुए रहें।
भालूमाड़ा में भी मुस्लिमों का मातमी पर्व मोहर्रम पर नगर में भव्य जुलूस निकाला गया। जहां इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया। इस दौरान ताजिए के जुलूस में बड़ी संख्या में लोग साथ रहे। दोपहर लगभग 12बजे बड़ी मस्जिद दफाई नंबर 3 से जुलूस निकाला गया, जो पीली दफाई, गोल बाजार, आजाद चौक, गेट दफाई होते हुए कर्बला तक पहुंचा। जबकि वार्ड क्रमांक 12 में मोहर्रम की तैयारी विशेष रूप से साज सज्जा के साथ की गई। मोहर्रम की दसवीं तारीख पर ताजिए के जुलूस व विभिन्न आयोजनों के लिए डबल स्टोरी के ग्राउंड को सजाया गया था, जहां पर ताजिया रखकर लोगों ने इमाम हुसैन को याद करते हुए दुआ मांगी। इस दौरान यहां पर भी विशेष रूप से लंगर व प्रसाद का आयोजन किया गया। नवमी की देर शाम दफाई नंबर तीन बड़ी मस्जिद में ताजिए को रखा गया था, जहां रात भर लोगों ने फातिया कर प्रसाद चढ़ाया और अपने अपने तरीके से इमाम हुसैन को याद करते हुए अमन शांति की दुआ मांगी।जुलूस के दौरान छोटे बच्चे से लेकर बड़ों ने भी लाठी खेल कर अपने करतब दिखाए।
कोतमा- पैगंबर इस्लाम हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत में मनाया जाने वाला मातमी पर्व मोहर्रम मंगलवार को नगर मे भाईचारे के साथ शांतिपूर्वक मनाया गया। मोहर्रम की पूर्व संध्या को शहादत की रात होने के कारण रतजगा कर इबादत की गई। 10 सितम्बर को मोहर्रम के दिन नगर के हद्रय स्थल गांधी चौक पर मुस्लिम समुदाय द्वारा तरह-तरह के खेल के साथ साहसिक कारनामे किए गए। जगह-जगह लंगरे आम का आयोजन भी किया गया। क्षेत्र के वारसी संगठन समिति द्वारा इमाम चौक पर लगंर का आयोजन किया जाता रहा है। नगर के सभी मस्जिदों की ताजिया जिनमें इस्लामगंज कमेटी, बनिया टोला कमेटी, जामा मस्जिद कमेटी, बाजार शाखा की ताजिया कमेटी एकत्र होकर स्टेट बैंक चौक पर पहुंची। जहां से नगर के प्रमुख मार्गो महावीर मार्ग, अस्पताल रोड, रेलवे स्टेशन चौक, टाकीज रोड, आजाद चौक सहित अन्य मार्गो का भ्रमण किया गया। जुलूस के दौरान प्रशासन द्वारा चाक-चौबंद व्यवस्था बनाई गई। नगर पालिका के द्वारा बनाए गए कुंड में विसर्जन कुंड में ताजिया ठंडी कराई गई।