
हाईस्कूल के छात्रों को पढ़ा रहे मिडिल स्कूल के शिक्षक
अनूपपुर। अनूपपुर जनपद पंचायत के खोड्री नम्बर ०१ और जर्राटोला गांव के लिए पहली कक्षा से दसवीं कक्षा के लिए संचालित शासकीय स्कूल परिसर में शिक्षा की वैशाखी पर बच्चों का भविष्य गढऩे का प्रयास किया जा रहा है। जहां कम कक्षाओं में संचालित हो रही प्राथमिक, माध्यमिक और हाईस्कूल के बच्चों का दम घुट रहा है, वहीं बिना शिक्षकों की कक्षाएं भी पूरी कराई जा रही है। ऐसा नहीं यह अव्यवस्था एकाध सालों से चल रहा हो, बल्कि यह अव्यवस्था पिछले एक दशक से बनी हुई है। जिसकी लगातार शिकायतों के बाद भी कभी जिला शिक्षा कार्यालय ने इस अव्यवस्थाओं को दूर करने प्रयास नहीं किया। मप्र.-छत्तीसगढ़ की सीमा से लगी ग्राम जर्राटोला खोड्री में संचालित शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल परिसर में वर्ष २०१० में स्थानीय ग्रामीणों की हाईस्कूल की मांग में विभाग द्वारा शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल को उन्नयन कर हाईस्कूल शिक्षा के लिए कर दिया। जहां उन्नयन के बाद बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज स्कूलों में नहीं भटकने की परेशानी से बचने नई आशा दिखाई दी। लेकिन आश्चर्य उन्नयन के बाद विभाग द्वारा न तो हाईस्कूल भवन का निर्माण कराया गया और ना ही उनके लिए स्वीकृत पदों पर शिक्षकों की उपलब्धता कराई गई। जिसके कारण आज भी बिना भवन हाईस्कूल का संचालन मिडिल स्कूल की कक्षाओं के लिए बने कक्ष में कराया जा रहा है। जबकि वर्तमान में हाईस्कूल की शिक्षा के लिए १४२ छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। बताया जाता है कि स्कूल में प्राचार्य सहित 7 पद स्वीकृत होने के बाद भी मात्र दो शिक्षक ही पदस्थ हैं। अंग्रेजी विषय के अतिथि शिक्षक की नियुक्ति होने के बावजूद वे कभी स्कूल में नहीं रहते। माध्यमिक स्कूल में ही 70 बच्चें अध्ययनरत, वहीं प्राथमिक स्कूल में शिक्षकों की कमी और अव्यवस्थाओं के कारण मात्र 28 बच्चे अध्ययनरत है। शासकीय स्कूल में प्रयोगशाला, सहायक व अंशकालीन लिपिक का पद रिक्त पडा हुआ है। जिसके कारण छात्र-छात्राओं को पढाई के दौरान अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहीं नहीं प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल के लिए एक-एक शिक्षक की पदस्थापना बनी हुई है।
बॉक्स: दो शिक्षक के भरोसे १० कक्षाएं
एक ओर जहां हाईस्कूल के ९ साल उन्नयन के बाद उसके लिए भवन सहित अन्य सुविधाओं को विभाग द्वारा दरकिनार कर दिया गया, वहीं ८ कक्षाओं के लिए मात्र दो शिक्षक की पदस्थापना कर शिक्षा का मखौल भी बना दिया। सबसे आश्चर्य १४२ हाईस्कूल के बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी इन्हीं दो शिक्षकों के कंधे पर सौंप दी। हाईस्कूल की कक्षाओं का पठन पाठन मिडिल स्कूल के स्तर के शिक्षक कैसे पूरा करा सकेंगे। जबकि आगामी मार्च माह से हाईस्कूल के लिए बोर्ड परीक्षा का आयोजन होगा। वहीं पांचवीं और आठवीं कक्षाओं का भी बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर पास फेल के परीक्षा परिणाम बच्चों के लिए चुनौती बनेगी। यानि बिना शिक्षा बच्चें कैसे परीक्षा में सफल हो पाएंगे।
बॉक्स: नहीं स्कूल में शौचालय की सुविधा
पूरे स्कूल परिसर में लगभग ढाई सौ स्कूली छात्र-छात्राएं हैं, लेकिन वहां बच्चों की सुविधा के लिए शौचालय कक्ष का अभाव बना हुआ है। पूर्व में बने शौचालय जर्जर और अनुपयोगी बने हुए हैं। छात्र-छात्राओं को शौचालय के लिए परिसर से बाहर जाना उनकी विवशता बनी हुई है। लेकिन इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग बेसुध पड़ा है।
वर्सन:
हाईस्कूल के उन्नयन हुए ९ साल हो चुके हैं, लेकिन वहां स्कूल के लिए अभी तक न तो भवन की सुविधा और ना ही शिक्षकी पदस्थापना हुई है। इस सम्बंध में कई बार पत्राचार किया गया जा चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
अरूण मिश्रा, प्राचार्य शासकीय माध्यमिक स्कूल खोड्री नम्बर ०१ जर्राटोला।
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Published on:
30 Dec 2019 09:02 pm
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