अनूपपुर। जिले में अबतक सामान्य रूप से बोई जाने वाली गेहूं की फसल में अब किसानों द्वारा नए और औषधियुक्त फसल उत्पादन की तैयारी की जा रही है। किसानों ने अभी तक बादामी व सफेद रंगत में पैदावार होने वाली गेहूं की फसल का पैदावार किया है। लेकिन अब जिले में नवीन किस्म की काला, बैंगनी, नीला रंग वाली गेहूं के दानों वाला उत्पादन फसल उत्पादन किया जाा सकेगा। इसके लिए कृषि विभाग ने किसानों से ट्रायल आधार पर उत्पादित की गई गेहूं के बीज को संरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं साथ ही विकासखंड स्तरीय कृषि अधिकारियों को इन बीजों की जानकारी किसानों को देते हुए किसानों को बीज उपलब्ध कराने में सहयोग प्रदान के निर्देश दिया हैं, ताकि शुरूआती रूप में किसान जितनी मात्रा में इस बीज का उपयोग कर खेती करेंगे, उससे भविष्य में और अधिक बीजों को संरक्षित रखते हुए खेती के रकबे को बढ़ाया जा सकेगा। उपसंचालक सह परियोजना संचालक आत्मा परियोजना अधिकारी एनडी गुप्ता ने बताया कि वर्ष २०२० में विदिशा जिले से यह काला रंग वाला गेहूं का बीज ट्रायल के रूप में लाया गया था। जिसमें अनूपपुर, कोतमा, जैतहरी और पुष्पराजगढ़ के २०-२० उन्नत किसानों को इसके ट्रायल बेस पर बीज उपलब्ध कराते हुए उत्पादन मात्रा, क्वालिटी और मौसम के अनुरूप पैदावार की स्थिति के आंकलन के निर्देश दिए थे। जिसमें गेहंू की पैदावार सामान्य गेहंू के अनुरूप ही उत्पादित हुआ। हालंाकि इस दौरान नवीन और उन्नत बीज होने के कारण कुछ किसानों ने अन्य को बेचा भी। लेकिन वर्तमान में जिले में १०७ क्विंटल काला गेहंू बीज उपलब्ध है। उपसंचालक ने बताया कि किसानों को अनुदान आधार पर बीज उपलब्ध कराया गया था, जिसमें इस बीज की कीमत १५० रूपए प्रति किलो के रूप में प्राप्त हुआ था। जिसमें किसानों को अनुदान के साथ सामान्य दर पर बेचा गया था। [typography_font:18pt]बॉक्स: २५-३० क्विंटल प्रति हेक्टेयर, सामान्य उत्पादन के अनुसार पैदावार[typography_font:18pt]कृषि उपसंचालक ने बताया कि गेहूं की नवीन किस्म एनएबीआई एमजी-१०(बैंगनी रंग), एनएबीआई-११(काला रंग) एनएबीआई एमजी-०९(नीला रंग) सामान्य गेहूं की तरह ही उत्पादित होता है। इसके लिए मौसम कारक और भूमि कारक जैसे कोई अवरोध नहीं है। इसमें किसानों द्वारा जितनी मेहनत उतनी पैदावार जैसे कारक प्रतिबद्धता माने गए हैं। सामान्य गेहूूं भी २५-३० क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से उत्पादित होते हैं। वहीं नवीन गेहूं की काला, नीला, बैंगनी किस्म भी २५-३० क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से पैदा किए गए हैं। सामान्य गेहूं के भाव और नवीन गेहूं के बाजार भाव में अंतर है। नवीन गेहूं के आटा बाजार में १५० रूपए से अधिक के दर में उपलब्ध होते हैं। इस फसल की सबसे अच्छी बात यह है कि इनमें जिंक की मात्रा अधिक होती है और यह औषधियुक्त अनाज माना गया है। यह उच्च रक्तचाप, मधुमेह सहित अन्य बीमारियों से ग्रस्ति लोगों के उपयोग में लाभदायक है।[typography_font:18pt]बॉक्स: व्यवासियक विश्लेषण[typography_font:18pt]मापदंड सफेद गेहूं बैंगनी गेहूं नीला गेहंू काला गेहूं[typography_font:18pt]एन्थोसायनिंस(पीएमपी) ५ ४० ८० १४०[typography_font:18pt]उर्जा(कैलोरी) ३२२ ३१८ ३१८ ३१८[typography_font:18pt]कोर्बोहाइड्रेट(ग्राम) ६७.८ ६५.८ ६५.८ ६४.८[typography_font:18pt]प्रोटीन १० ११ ११ १२[typography_font:18pt]फाइबर ११ १२ १२ १२[typography_font:18pt]वसा १.२ १.२ १.२ १.२[typography_font:18pt]नमी(त्न) १० १० १० १०[typography_font:18pt]आयरन ३८ ४५ ४५ ४५[typography_font:18pt]जिंक २८ ३६ ३८ ३५[typography_font:18pt]बॉक्स: किसान कर सकते हैं अधिकारियों से सम्पर्क[typography_font:18pt]विभाग ने किसानों को विकासखंड स्तर के अधिकारी एचपी गौतम अनूपपुर, डीएन त्रिपाठी जैतहरी, एलएस राजपूत कोतमा और एसके विश्वकर्मा पुष्पराजगढ़ से सम्पर्क की अपील की है।[typography_font:18pt]वर्सन:[typography_font:18pt]अभी ट्रायल बेस पर विदिशा से लाकर यहां उत्पादित किया गया है। चारों विकासखंड में लगभग सामान्य उत्पादन हुए हैं। विकासखंड अधिकारियों से किसान सम्पर्क कर किसानों से बीज प्राप्त कर सकते हैं। [typography_font:18pt]एनडी गुप्ता, उपसंचालक कृषि अनूपपुर। [typography_font:18pt;" >----------------------------------------------