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बारिश बाद संक्रमण व मलेरिया की तैयारी, केबिन में अधिकारी गंदगी से बजबजा रहे शहर के नाले

वार्डो के निरीक्षण में सडक़ों पर नहीं उतरे अधिकारी-कर्मचारी, कीटनाशी दवाईयां का नहीं हो रहा छिडक़ाव

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Preparations for infection and malaria after rains, officials in cabin

बारिश बाद संक्रमण व मलेरिया की तैयारी, केबिन में अधिकारी गंदगी से बजबजा रहे शहर के नाले

अनूपपुर। अनूपपुर नगरपालिका के समस्त १५ वार्ड मानसून की हो रही बारिश में हर बार जाम से अटक जाती है। कचराघर में कचरे का ढेर लगा हुआ है। हर बार सफाई का आश्वासन देने के बाद भी वार्डो में बनी छोटी और सकरी नालियों तक की सफाई नहीं हो सकी है। जिसके कारण बारिश के उपरांत नगरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन दूसरी ओर जिम्मेदारी से लदे नगरीय प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी अपने केबिनों से बाहर निकल वास्तविक व्यवस्थाओं का निरीक्षण नहीं कर रहे हैं। आलम यह कि रोजना सफाई के नाम पर सफाई कर्मचारियों द्वारा मनमाने तरीके से मानूसनी सफाई की खानापूर्ति कर घर लौट रहे हैं। यहां तक कि नालियों व दूषित स्थलों पर कीटनाशी दवाईयों का भी छिडक़ाव नहीं कराया जा रहा है। पूर्व में कलेक्टर ने समस्त नगरीय प्रशासन को मानसून से पूर्व नालियों की सफाई के साथ कचरे की सफाई व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे। बावजूद नगरीय प्रशासक अपनी जिम्मेदारियों से अबतक अनजान बने हुए है। विदित हो कि नगरपालिका अनूपपुर में ड्रेनेज की सुविधा नहीं होने के कारण नालियों का पानी चंद बारिश की बौछार में उफान भर सडक़ों पर उतर आता है। जबकि वार्डो में कचरा संग्रहण के लिए कचराघर की व्यवस्था नहीं होने से लोगों का कचरा नालियों में फेंका जाता है। इससे संक्रमण के साथ नाली जाम की समस्या बनी रहती है। इसमें बस्ती जैसे सघन आबादी वाले क्षेत्र में स्थिति और भी गम्भीर बनी हुई है। वार्डवासियों का कहना है कि इससे पूर्व मानसून के आगमन ेसे पूर्व नालियों की सफाई सहित कचरे का निपटारा कर दिया जाता था। लेकिन इस वर्ष सफाई कर्मचारियों सहित सफाई इंस्पेक्टर भी कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। जबकि नगरपालिका अनूपपुर में ५८ से अधिक सफाई कर्मचारी है। सफाई के लिए नगरपालिका प्रतिमाह १० लाख से अधिक का खर्च करती है। जिसमें कर्मचारियों के साथ ४ ट्रेक्टर वाहन, ४ कचरा संग्रहण वाहन तथा एक जेसीबी मशीन का भी उपयोग करती है। बावजूद नगरीय सफाई देखकर इसे सफाई नहीं माना जा सकता।
बॉक्स: मलेरिया व संक्रमण की तैयारी
पिछले वर्ष समस्त नगरीय क्षेत्रों में अनूपपुर नगरपालिका में मलेरिया से प्रभावित सबसे अधिक लोगों को चिह्नित किया गया था। आंकड़ों के अनुसार तीन सैकड़ा मरीज इसमें मलेरिया पोजिटिव पाए गए। जबकि मलेरिया से बचाव के लिए नगरपालिका के पास २ फोगिंग मशीन है, लेकिन कभी इनका उपयोग नहीं किया गया।
वर्सन:
सफाई कर्मियों को लगातार सफाई पर ध्यान देते हुए सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए समिति द्वारा जांच भी की जा रही है।
रामखेलावन राठौर, अध्यक्ष प्रशासनिक समिति नगरपालिक अनूपपुर।