अनूपपुर। शिक्षक संवर्ग, नवीन शिक्षक संवर्ग एवं अन्य कर्मचारी संवर्ग की प्रदेश स्तरीय मांगों को अविलम्ब पूरा करने की मांग लेकर मप्र शिक्षक संघ पुष्पराजगढ़ ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया कि शासन से मान्यता प्राप्त पिछले 52 वर्षों से स्थापित मप्र शिक्षक संघ राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए शिक्षा छात्र एवं शिक्षक हित में प्रदेश के तीन एवं नियमित शिक्षक संवर्ग की न्यायोचित निम्नांकित बहुप्रतीक्षि मांगों के अविलम्ब निराकरण किए जाने अनुरोध करता है। जिसमें लगभग 30 से 38 वर्षों से एक ही पद पर सेवारत शिक्षक, शिक्षक, प्रधानाध्यापक, व्याख्याता, प्राचार्या, सहायक संचालक/ उपसंचालक को योग्यता तथा प्राप्त वेतनमान की आधार पर अपग्रेड कर उच्च पदनाम दिया जाए । यह मांग पूर्ण अनार्थिक हित है। गृह विभाग सफलतापूर्वक इसे अपने पुलिस विभाग में लागू कर चुका है, जबकि प्रारम्भ से स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय विभाग के शिक्षक हमारा संगठन अनेक वर्षों से निवेदन कर रहा है। मुख्यमंत्री दो-दो बार इस आशय की घोषणा भी कर चुके है, नियमित शिक्षक वर्ग में इस कारण आकोश असहनीय हो चुका है। वहीं वर्ष 2005 में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय पेंशन योजना प्रदेश के लिए अनिवार्य नहीं थी। फिर भी तत्कालीन राज्य सरकार ने नई पेंशन योजना प्रारम्भ की। यह योजना कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में असफल सिद्ध हो रही है। वह समूचे कर्मचारी जगत में असुरक्षा भय एवं अवसाद की स्थिति निर्मित परिस्थितियों में कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो रही है। इसके साथ आठ नवीन शिक्षक सहित सभी कर्मचारियों की वरिष्ठता को व्यापत नियुक्ति दिनांक से माह, पुरानी पेशन योजना लागू की वे जैसा कि राजस्थान सरकार अन्य सरकार करने कहा रही है। साथ ही केन्द्र के समान यथावत वेतनमान, गृह भाड़ा भत्ता, साथ ही पात्रताधारी गुरुजियों को नियुक्ति दिनांक देते हुए नवीन शिक्षक संवर्ग की शिक्षकों की रोकी गई क्रमोन्नति आदेश प्रसारित किए जाए। [typography_font:18pt;" >---------------------------------------------------