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पंचायत भवन है पुलिस के पास, सामुदायिक भवन मेें चल रही पंचायत, मांगलिक कार्य के लिए जगह ही नहीं

अनुपपुर. वेंकटनगर में ग्रामीणों की सुरक्षा एवं बॉर्डर क्षेत्र में निगरानी के लिए वर्ष 2012-13 में पुलिस सहायता केंद्र प्रारंभ किया गया। प्रारंभिक रूप से इसका संचालन पुराने पंचायत भवन में किया जा रहा था। बाद में अपना भवन बनाने की योजना थी, लेकिन 12 वर्ष बीतने के बाद भी इसका संचालन ग्राम पंचायत के […]

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अनुपपुर. वेंकटनगर में ग्रामीणों की सुरक्षा एवं बॉर्डर क्षेत्र में निगरानी के लिए वर्ष 2012-13 में पुलिस सहायता केंद्र प्रारंभ किया गया। प्रारंभिक रूप से इसका संचालन पुराने पंचायत भवन में किया जा रहा था। बाद में अपना भवन बनाने की योजना थी, लेकिन 12 वर्ष बीतने के बाद भी इसका संचालन ग्राम पंचायत के पुराने भवन में ही किया जा रहा है। वहीं ग्राम पंचायत कार्यालय सामुदायिक भवन में चल रहा है। जबकि सार्वजनिक कार्य स्कूलों में किए जा रहे हैं। बताया जाता है कि काफी समय पहले पुलिस चौकी वेंकट नगर के निर्माण के लिए राशि भी प्रदान कर दी गई है, लेकिन कई वर्षों तक भूमि उपलब्ध न होने के कारण यह कार्य नहीं हो पाया। विभागीय पत्राचार के बाद भूमि आवंटित हुई तो पंचायत ने भवन निर्माण के लिए प्रदत्त की गई राशि रिवाइज कराने की बात कह कर कार्य शुरू नहीं किया। जिसके कारण आज भी भवन निर्माण का कार्य नहीं प्रारंभ हो पाया है। दूसरी ओर जो भूमि पुलिस चौकी भवन निर्माण के लिए चिह्नित की गई थी वहां रेस्ट हाउस का निर्माण कर दिया गया है।

13.44 लाख की मिली थी स्वीकृति

पुलिस चौकी वेंकट नगर के निर्माण के लिए वर्ष 2017-18 में शासन ने 13 लाख 44 हजार रुपए स्वीकृत किए थे। इसकी प्रथम किश्त 6 लाख 72 हजार रुपए पंचायत के खाते में भेज भी दी गई थी। भवन निर्माण के लिए भूमि भी आरक्षित कर दिया गया। इसके बाद ग्राम पंचायत ने यह कहकर निर्माण कार्य नहीं कराया कि कार्य कराने की राशि पुराने दर पर होने के कारण निर्माण कार्य कराने में असमर्थ है। पुलिस विभाग ने भी आवंटित भूमि से संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। इस वजह से आवंटित भूमि पर पीआईयू ने रेस्ट हाउस का निर्माण कर दिया। सामुदायिक भवन में संचालित हो रही पंचायत वर्तमान में जिस स्थल पर पुलिस सहायता केंद्र का संचालन किया जा रहा है वह पंचायत भवन है। इसके चलते पंचायत कार्यालय के लिए जगह नहीं है। लगभग 15 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण पंचायत ने कराया है। तब से सामुदायिक भवन में पंचायत कार्यालय का संचालन किया जा रहा है। दूसरी ओर वैवाहिक कार्यक्रम एवं दूसरे मांगलिक कार्यों के लिए विद्यालय भवन एवं विद्यालय के खेल मैदान का उपयोग सामुदायिक भवन उपलब्ध न होने पर यहां के ग्रामीण करते हैं।

अब फिर से भूमि की तलाश शुरू

पूर्व में पुलिस चौकी निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हो जाने के पश्चात काफी समय तक पत्राचार किए जाने पर भूमि उपलब्ध हुई थी। इस पर अन्य विभाग का भवन बना दिए जाने के कारण फिर से अब यहां पर भूमि की समस्या बन गई है। पुलिस चौकी भवन निर्माण के लिए 6 वर्ष पूर्व शासन से राशि स्वीकृत होने के बावजूद इसी वजह से अब तक पुलिस चौकी भवन निर्मित नहीं हो पाया। जबकि फुनगा और देवहरा में पुलिस चौकी भावनों का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद इन भवनों में ही इनका संचालन भी बीते कई वर्षों से हो रहा है।

मुझे अभी इसकी जानकारी नहीं है। जानकारी ली जाएगी। यदि कोई समस्या आ रही है तो उसे दूर किया जाएगा। मोती उर रहमान, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर