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विश्वविद्यालय के छात्रों को कई संदेश दे गया यह हास्य नाटक

आईजीएनटीयू में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की आवासीय रंग कार्यशाला का समापन

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विश्वविद्यालय के छात्रों को कई संदेश दे गया यह हास्य नाटक

विश्वविद्यालय के छात्रों को कई संदेश दे गया यह हास्य नाटक

अमरकंटक. महिलाओं की समाज में बदलती स्थिति पर आधारित रंजीत कपूर के हास्य नाटक चांदी का जूता का सोमवार को प्रभावी मंचन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में छात्रों को कई संदेश दे गया। इसमें सामंतवादी सोच को बदलकर नए जमाने के साथ कदमताल करने की सीख ने छात्रों के मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव छोड़ा। प्रभावी प्रस्तुति के लिए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली की टीम को खूब प्रशंसा मिली। आईजीएनटीयू ने एनएसडी के साथ मिलकर 30 दिवसीय राष्ट्रीय जनजातीय प्रस्तुतिपरक आवासीय रंग कार्यशाला 29 सितंबर से चार नवंबर तक आयोजित की गई थी। इसमें 26 जनजातीय कलाकार जो मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, तमिलनाडु और उड़ीसा के थे। रंगमंच के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण एनएसडी के विशेषज्ञों द्वारा दिया गया था। इसी कड़ी में छात्रों ने स्वयं की कला को प्रदर्शित करने के लिए सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में नाटक चांदी का जूता मंचित किया। अभिनेता और निर्देशक अविनाश देशपांडे के सौजन्य से प्रस्तुत इस नाटक में व्यंग्यात्मक अंदाज में कलाकारों ने सामंती सोच को परिलक्षित करने वाली कहानी का मंचन किया।
हरपाल सिंह राणा और उसके बेटे जयपाल सिंह राणा की जमींदारी वाली सोच से प्रारंभ होने वाले इस नाटक ने अंत में नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया। मुख्य अतिथि के रूप में अटल इनोवेशन मिशन के डॉ. उदय शंकर पुराणिक और एनएसडी के दीपांकर पॉल उपस्थित थे। कुलपति प्रो. टी.वी. कटटीमनी ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए कलाकारों को सर्टिफिकेट प्रदान किए। नाटक में दीपक परस्ते, लक्ष्मण मरांडी, शैलेश कौल, भूमिका ओट्टी, प्रतिमा पैकरा, द्रोपदी सोनवानी, आशा धुर्वे, कहानी मार्को, सुमन मीना, रानू परस्ते, मनसा मुर्मू, प्रीतम सिंह, संदीप मरावी, जयलाल किस्कू, प्रवीण मरावी, कृष्णा सिंह और ज्ञानेंद्र कुमार कोरचे ने प्रभावी प्रस्तुतियां दी। कोरस में चेतन दीप, कृष्णा कुमारी चंद्रवंशी, अजय कुमरे, मनोरंजन बास्की, अशोक बैगा और गणेश नेटी ने सहयोग दिया। नाटक का मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र उपस्थित थे।