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ग्रामीण क्षेत्र में दर्द से निवारण के लिए चोरी हो रहा ट्रांसफॉर्मर ऑयल

2 वर्ष के भीतर जिले के पांच स्थानों से 2 लाख से अधिक का आयल चोरी

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transformer theft

जिले में दो वर्षों के भीतर पांच स्थानों से ट्रांसफार्मर तेल चोरी किए जाने के मामले सामने आ चुके हैं। ज्यादातर चोरियां ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही हैं। इसको लेकर के विभाग भी परेशान है क्योंकि जो ऑयल चोरी किया जा रहा है उसकी बिक्री कहीं नहीं होती है। यह खराब और उपयोग किया हुआ तेल होता है, लेकिन चोरी होने से ट्रांसफार्मर खराब हो जाते हैं और इससे विद्युत वितरण का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। दो वर्षों के भीतर जिले भर में पांच स्थानों पर 2 लाख 23 हजार रुपए कीमत के ट्रांसफॉर्मर ऑयल चोरी के मामले सामने आ चुके हैं। कोतमा क्षेत्र में जोगी टोला में 63 किलोवाट का ट्रांसफार्मर, बदरा में 25 किलोवाट का ट्रांसफार्मर, देवगवा में 25 किलोवाट का ट्रांसफार्मर, अनूपपुर क्षेत्र के मेंडिया रास में 100 किलोवाट के ट्रांसफार्मर एवं सोनभद्र कॉलोनी अनूपपुर में 200 किलो वाट के ट्रांसफार्मर से तेल की चोरी की जा चुकी है।

वजह जानकर हर कोई है हैरान

ट्रांसफार्मर से ऑयल चोरी की वजह भी हैरान करने वाली है। विद्युत विभाग की माने तो ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों में यह भ्रम है कि ट्रांसफार्मर में लगा हुआ ऑयल काफी शक्तिशाली होता है जिससे शरीर के सभी अंगों के दर्द दूर हो जाते हैं। विद्युत विभाग का कहना है कि ट्रांसफार्मर के तेल का अन्य किसी कार्य में उपयोग नहीं हो सकता है। भ्रम की वजह से ग्रामीण क्षेत्र में इसकी चोरी के मामले सामने आते रहते हैं।

ट्रांसफॉर्मर ऑयल की चोरी से विभाग को नुकसान हो रहा है। यह तेल अन्य किसी उपयोग में नहीं आता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों में यह भ्रम है कि इससे शरीर के दर्द से राहत मिलती है। अरुणेंद्र प्रसाद मौर्य, कार्यपालन अभियंता विद्युत विभाग