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इस रेलवे स्टेशन पर आदिवासी गोंडी पेंटिंग से यात्रियों को रूबरू कराने अनोखी पहल, स्टेशन पर स्टॉल

रेलवे ने नि:शुल्क स्टॉल की दी सुविधा, यात्रियों को मिल रही है उत्कृष्ट व दुर्लभ ट्राइबल पेंटिंग

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Unique initiative to introduce passengers to tribal Gondi painting at

इस रेलवे स्टेशन पर आदिवासी गोंडी पेंटिंग से यात्रियों को रूबरू कराने अनोखी पहल, स्टेशन पर स्टॉल

अनूपपुर। देश कलाकृतियों को स्वदेशी बनाते हुए घरों तक पहुंचाने की कवायद में रेलवे की व्यापक पहुंच और महत्व को ध्यान में रखते वन स्टेशन वन प्रोड्क्ट्स में आदिवासी कला की स्टॉल लगाई जा रही है। जिसमें वर्ष २०२२-२३ में वन स्टेशन वन प्रोड्क्ट्स योजना को केंद्रीय बजट में शामिल कर स्थानीय उत्पादों को सामने लाया जा रहा है। वन स्टेशन वन प्रोड्क्ट्स योजना की इस अभिनव पहल से जहां मेक इन इंडिया का सपना साकार हो रहा है, वहीं स्थानीय लघुकार, कारीगरों, हस्तशिल्पों की आत्मनिर्भरता में वृद्धि भी हो रही है। इससे मप्रदे के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी मदद मिलेगी। योजना के तहत अनूपपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक १ पर ट्राइबल गोंडी पेंटिंग प्रोड्क्ट्स की बिक्री के लिए स्टॉल का शुभांरभ 11 जून से किया जा रहा है। जो आगामी १5 दिनों तक चलेगी। स्टॉल की सुविधा रेलवे ने निशुल्क उपलब्ध कराई है। सीमा विश्वास डायरेक्टर ट्राइबल सृष्टि कला केंद्र अनूपपुर ने बताया कि स्टॉल के माध्यम से स्व हस्तनिर्मित ट्राइबल पॉन्टिंग की बिक्री की जा रही है। इस पेंटिंग की कीमत कई प्रदर्शनी में लाखों रुपए की होती है जो कि अनुपपुर रेलवे स्टेशन के स्टाल में बहुत ही कम और अच्छे कीमत पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इस स्टॉल में जनजातीय और कलाकारों के स्वनिर्मित आकर्षक पेंटिंग उपलब्ध हैं। सृष्टि कला केंद्र की पेंटिंग विदेशों में भी अनूपपुर और प्रदेश का नाम रोशन कर रहा है। विदित हो कि अनूपपुर में गोंडी कला से जुड़ी अनेक पेंटिंग हैं। इसके अलावा बीजापुर गांव में इस कलाकृतियों को जीवित रखने यहां महिलाएं इस कला से जुड़ी हुई है।
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