अनूपपुर. राजेंद्रग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को 14 वर्षीय किशोरी की समय पर इलाज न मिलने की वजह से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डेढ़ घंटा तक कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा। चिकित्सालय प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए परिजनों ने दोषी चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही आक्रोशित परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया और अंतिम संस्कार करने के लिए उसे घर ले गए। पुष्पराजगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बहपुर के ग्राम बेलगवा निवासी 14 वर्षीय किशोरी बुधवार सुबह 9 बजे कक्षा आठवीं की परीक्षा देने भेजरी विद्यालय हुई थी। स्कूल में किशोरी को चक्कर आने के साथ ही उल्टियां शुरू हो गईं। विद्यालय के शिक्षकों ने इसकी सूचना किशोरी के पिता को दी। सूचना मिलने पर सुबह करीब 9.30 बजे पिता निजी वाहन से किशोरी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेंद्रग्राम में लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि लगभग डेढ़ घंटे तक वह चिकित्सालय में चिकित्सकों का इंतजार करते रहे लेकिन कोई भी चिकित्सा उनकी पुत्री को देखने के लिए तथा उपचार के लिए नहीं पहुंचा। इस दौरान लापरवाही होने से किशोरी की मौत हो गई।
लापरवाह चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग
समय पर उपचार न मिलने की वजह से किशोरी की मौत के बाद परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही अमरकंटक राजेंद्र ग्राम तथा करनपठार थाने के साथ ही अनूपपुर से पुलिस बल राजेंद्र ग्राम चिकित्सालय पहुंचा। साथ ही एसडीएम दीपक पांडे, तहसीलदार अनुपम पांडे, एसडीओपी सोनाली गुप्ता एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक कुमार अवधिया भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया और शव को बिना पीएम के ही अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
चिकित्सालय में देर तक होता रहा हंगामा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेंद्रग्राम में इलाज में लापरवाही तथा चिकित्सकों की मनमानी का यह नया मामला नहीं है इससे पूर्व भी कई बार चिकित्सकों की मनमानी तथा लापरवाही की वजह से यहां ऐसी स्थिति निर्मित हो चुकी है। बुधवार को भी इसी वजह से कई घंटे तक आक्रोशित परिजनों का हंगामा चिकित्सालय परिसर में चलता रहा। वहीं प्रशासन तथा पुलिस उन्हें मनाने का प्रयास करती रही। एसडीएम पुष्पराजगढ़ दीपक पांडेय ने बताया कि मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर के न होने से सही समय में इलाज न मिल पाने के कारण लडक़ी की मौत हुई है यह जांच का विषय है। परिजन अस्पताल स्टाफ से नाराज हैं। समझाइश के बाद पीएम के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन पीएम टीम में डॉ. श्याम को देखकर भडक़ गए और पीएम करने से मना कर दिया।