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गोल्ड लोन के नाम पर बैंक से लाखों का घोटाला, अबतक ऐसी धोखाधड़ी नहीं देखी होगी

Gold Loan Fraud : एक ही बैंक से अलग-अलग 11 गोल्ड लोन के मामलों में धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों ने बैंक से 685 ग्राम सोना रखकर कुल 23 लाख रुपए का लोन लिया था। बैंक ने सोना की जांच कराई तो सिर्फ 260.9 ग्राम सोना ही असली निकला।

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Gold Loan Fraud :मध्य प्रदेश के अशोकनगर में मिलावटी सोने के आभूषणों से जिले में गोल्ड लोन में घोटाले के मामले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। जहां फिर एक ही बैंक में 11 गोल्ड लोन के केसों में घोटाला करने का खुलासा हुआ है। 685 ग्राम सोना रखकर चार लोगों ने बैंक से 23 लाख रुपए का गोल्ड लोन लिया था, लेकिन बाद में जब बैंक ने शुद्धता जांच कराई तो आभूषणों में सिर्फ 260.9 ग्राम सोना ही शुद्ध निकला, बाकी नकली था। इससे गोल्ड लोन लेने वाले 4 लोगों के साथ साथ बैंक के 4 गोल्ड वेल्युअरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

मामला शहर की कैनरा बैंक शाखा का है। बैंक के असिस्टेंट मैनेजर जोगेंदर सिंह गुर्जर की शिकायत पर पुलिस ने बैंक में सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेने वाले बारमहू निवासी भूरेसिंह रघुवंशी, खैरभान निवासी रामकुमार यादव, धमना निवासी फूलसिंह रघुवंशी और धमना निवासी देवेंद्र सिंह रघुवंशी समेत बैंक के अधिकृत गोल्ड वेल्युअर अशोकनगर निवासी ओमप्रकाश सोनी, मदनगोपाल सोनी, इसका ऑडिट करने वाले गोल्ड वेल्युअर मुरैना निवासी अतुल सोनी और बीना निवासी सुलभ सोनी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।

आधा सोना ही असली

चारो गोल्ड लोन लेने वालों में 11 गोल्ड लोन में 685.1 ग्राम सोना बैंक में रखा और वेल्युअर और ऑडिट करने वालों ने इसमें शुद्ध 519.9 ग्राम सोना बताया, लेकिन बाद में बैंक ने शुद्धता जांच कराई तो 260.9 ग्राम ही शुद्ध सोना पाया गया। यानी 50.18 फीसदी ही सोना असली निकला, शेष नकली था। पुलिस के मुताबिक, चारों लोगों ने गोल्ड वेल्युअर और ऑडिट करने वालों के साथ मिलकर यह धोखाधड़ी की है।

चार लोगों ने 11 गोल्ड लोन लिए थे- जांच में खुलासा

कोतवाली प्रभारी मनीष शर्मा के मुताबिक बैंक ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि देवेंद्रसिंह रघुवंशी ने 93 ग्राम सोना रखा और इसकी शुद्धता वेल्युअर ने 70.200 ग्राम सोना होना बताया जो अब जांच में 35.200 ग्राम निकला। वहीं, फूलसिंह के 51.800 ग्राम में 41.700 ग्राम सोना बताया गया, जांच में 34.700 ग्राम शुद्ध सोना निकला। रामकुमार यादव के तीन गोल्ड लोन में 209.3 ग्राम सोना में 174 ग्राम शुद्ध सोना वेल्युअर ने बताया, लेकिन जांच में 114 ग्राम ही शुद्ध सोना पाया गया। इसके अलावा भूरेसिंह के पांच गोल्ड लोन में 311 ग्राम सोने में शुद्ध सोना 234 ग्राम बताया, लेकिन शुद्धता जांच में इसमें सिर्फ 77 ग्राम सोना ही निकला।

एनपीए होने पर नोटिस के बाद नहीं आए तो कराई जांच

पुलिस के मुताबिक बैंक के असिस्टेंट मैनेजर ने बताया कि यह चारों गोल्ड लोन वर्ष 2020 से 2022 तक के हैं। जो एनपीए हो गए थे, इससे गोल्ड लोन लेने वाले चारों लोगों को नोटिस जारी किए गए, लेकिन नोटिस के बाद भी नहीं आए तो संदेह हुआ। इस वजह से बाद में इस सोने की फिर से शुद्धता की जांच कराई गई तो  धोखाधड़ी का यह खुलासा हुआ।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

मामले को लेकर अशोकनगर के कोतवाली प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि बैंक के असिस्टेंट मैनेजर की शिकायत पर गोल्ड लोन लेने वाले 4 लोग और 4 गोल्ड वेल्युअर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। जिन्होंने 11 गोल्ड लोन के माध्यम से बैंक से 23 लाख रुपए का लोन लिया था। मामले की जांच की जा रही है।