
karela fair राज्य मंत्री बोले -कौन मूर्ख एसपी था जिसने यह परंपरा बना दी, जानिए क्यों...
अशोकनगर. करीला मंदिर में अब श्रद्धालु जूता-चप्पल पहनकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। मंदिर में जूता-चप्पल पहनकर प्रवेश करने की बात पर राज्यमंत्री भड़क गए और कहा कि ऐसा कौन सा मूर्ख एसपी था जिसने जूता-चप्पल पहनकर मंदिर में प्रवेश कराने की परंपरा बना दी। साथ ही राज्यमंत्री ने रोक लगाने के निर्देश दिए, इस पर प्रशासन ने करीला मंदिर में जूता-चप्पल पहनकर प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
करीला में पीएचई राज्यमंत्री बृजेंद्रसिंह यादव ने रंगपंचमी मेले की तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए मां जानकी मंदिर के दर्शन आसानी से हो सकें, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी अधिकारी मेले में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी जवाबदारी से करें और श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी मुस्तैदी के साथ उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा मंदिर में जूता-चप्पल पहनकर प्रवेश करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए और कलेक्टर आर उमा महेश्वरी से कहा कि जूता-चप्पल पहनकर मंदिर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया जाए और जगह-जगह बैनर भी लगाए जाएं व लाउड स्पीकर से घोषणा भी कराई जाए। ताकि जूता-चप्पल पहनकर प्रवेश न करें। इस दौरान एसपी रघुवंशसिंह भदौरिया भी थे।
अधिकारी बोले- जूता पहनकर ही चलें, तो भड़के राज्यमंत्री
परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण कर राज्यमंत्री मंदिर जाने लगे और गेट पर पहुंचकर पूछा जूता कहां उतारना है तो अधिकारी बोले पहनकर ही चलें। इससे करीब तीन मिनट रुककर सोचते रहे, फिर जूता व मोजा उतारकर मंदिर में प्रवेश किया व मां जानकी के दर्शन किए। लौटकर पूछा तो ट्रस्ट अध्यक्ष महेंद्रसिंह यादव ने कहा कि पहले बिना जूता-चप्पल ही श्रद्धालु मंदिर जाते थे, लेकिन कुछ साल पहले एसपी ने यह व्यवस्था बदल दी। इस पर राज्यमंत्री भड़क गए और बोले कि जब किसी मंदिर, मस्जिद व गुरुद्वारे में जूता-चप्पल पहनकर नहीं जा सकते तो ऐसा कौन मूर्ख एसपी था जिसने यहां यह परंपरा बना दी। एक अधिकारी ने कहा कि फिर जूता कहा रखेंगे तो मंत्री बोले सिर पर रख लें या बाहर फैंक दें, मंदिर में जूता पहनकर नहीं जा सकेंगे।
लाइन व परिक्रमा मार्ग का कराएंगे डामरीकरण
राज्यमंत्री ने पेयजल के लिए बिछाई गई अस्थाई पेयजल लाइन व टोंटियों की व्यवस्था की कलेक्टर की पहल की सराहना की, साथ ही कहा कि अगले साल तक राजघाट से जल-जीवन मिशन के करीला में भी स्थाई पेयजल लाइन पूरे क्षेत्र में बिछाई जाएगी व टोंटियां लगाई जाएंगी। इसके अलावा परिक्रमा मार्ग पर डामरीकरण कराने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।
Published on:
17 Mar 2022 09:21 pm
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