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अशोकनगर. जिला पंचायत में भी भाजपा-कांग्रेस की जुगलबंदी दिखी, जहां अध्यक्ष पद पर भाजपा तो उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने अपना परचम फहराया। खास बात यह है कि दोनों ही पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए, हालांकि दोनों पदों पर नामांकन तो दो-दो जमा हुए थे, लेकिन काफी न नुकर बाद अभ्यर्थियों ने नामांकन वापस कर लिए तो भाजपा के जगन्नाथसिंह रघुवंशी अध्यक्ष व कांग्रेस की बबीता यादव निर्विरोध उपाध्यक्ष चुनी गईं।
पूर्व विधायक जगन्नाथसिंह रघुवंशी पांच सदस्यों के साथ पहुंचे, जहां तीन सदस्य पहले से बाहर खड़े हुए थे, वहीं यादवेंद्रसिंह यादव भी तीन सदस्यों के साथ अंदर पहुंचे। जगन्नाथसिंह व यादवेंद्रसिंह ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन जमा किया, बाद में यादवेंद्रसिंह ने नामांकन वापस ले लिया तो जगन्नाथसिंह निर्विरोध अध्यक्ष बन गए। वहीं उपाध्यक्ष पद पर बबीता मोहन यादव और सांसद के भाई की पत्नी रानी अजयपाल यादव ने नामांकन जमा किया, लेकिन बाद में रानी यादव ने भी नामांकन वापस ले लिया। इससे बबीता मोहन यादव निर्विरोध उपाध्यक्ष चुनी गईं। जीत की घोषणा होते ही समर्थकों ने जमकर आतिशबाजी की और शहर में जुलूस निकाला।
राजनीति: ऐसे बदलते रहे दावेदारों के समीकरण-
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए रातभर राजनीति चली और भागदौड़ जारी रही। यादवेंद्रसिंह यादव व जगन्नाथसिंह रघुवंशी के एक होने की चचाएं रहीं और चर्चा रही कि यादवेंद्रसिंह को अध्यक्ष व जगन्नाथसिंह को उपाध्यक्ष बनाने पर दोनों की सहमति बनी है। वहीं दूसरे गुट में शशि शिवराम रघुवंशी अध्यक्ष पद की दावेदार थीं, लेकिन उन्होंने जगन्नाथसिंह रघुवंशी को अध्यक्ष पद ऑफर कर अपनी तरफ शामिल कर लिया तो यादवेंद्रसिंह पर पांच सदस्य ही रह गए और जगन्नाथसिंह निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए।
भाजपा करती रही 8 सदस्यों का दावा, जीती कांग्रेस-
जिला पंचायत के 11 सदस्यों में से भाजपा आठ सदस्यों का दावा कर रही थी और भाजपा समर्थित आठ सदस्य जिला पंचायत में है। लेकिन जब उपाध्यक्ष पद पर चुनाव हुआ तो कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी ने निर्विरोध जीत दर्ज की। इससे जिलेभर में चर्चा है कि आठ सदस्य होने के बावजूद भी भाजपा ने कांग्रेस को निर्विरोध जिताया। इसे लोग चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के नेताओं की आपसी सांठगांठ मान रहे हैं। भाजपा-कांग्रेस भले ही इस चुनाव में अपनी-अपनी जीत का दावा कर रही हों, लेकिन हकीकत में इस चुनाव में पार्टीगत कोई भी स्थिति बनती नजर नहीं आई। क्योंकि कांग्रेस की सविता कन्हईराम लोधी और बबीता मोहन यादव जिपं अध्यक्ष पद पर भाजपा के जगन्नाथसिंह के समर्थन में थीं।
यह रहीं खास झलकियां-
- शिवराम रघुवंशी के घर पर पांच सदस्य थे, विधायक जजपालसिंह इन सदस्यों को वाहन में लेकर सुबह 11:04 बजे जिला पंचायत पहुंचे।
- बाहर तीन अन्य जिला पंचायत सदस्य खड़े हुए थे, वहीं यादवेंद्रसिंह अपने परिवार के तीन जिला पंचायत सदस्यों के साथ पहुंचे।
- सांसद के भाई की पत्नी रानी यादव को बार-बार फोन आ रहे थे और इससे वह काफी देर तक बाहर ही खड़े रहकर बात करती रहीं।
- जगन्नाथसिंह रघुवंशी के साथ सहित आठ सदस्यों ने विक्ट्री साइन बनाया और एक साथ जिला पंचायत में अंदर प्रवेश किया।
- सड़क पर जगह-जगह बेरीकेटिंग कर रास्ते रोक दिए गए थे, तो वहीं तहसील व जनपद पंचायत जाने वालों को दूसरे रास्ते से निकाला गया।
- सड़क पर बेरीकेटिंग व जिला पंचायत गेट पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जीत की घोषणा पर समर्थकों ने आतिशबाजी की।
जनप्रतिनिधियों का परिचय-
अध्यक्ष- जगन्नाथसिंह रघुवंशी
निवासी- ग्राम अजलेश्वर
उम्र- 74 वर्ष
शिक्षा- एमए, एलएलबी
संपत्ति- 8.53 करोड़ रु.
ऋण- 1.40 लाख रु.
उपाध्यक्ष- बबीता यादव
निवासी- सेमरापहाड़
उम्र- 36 वर्ष
शिक्षा- साक्षर
संपत्ति- 1.15 करोड़ रु.
ऋण- 18 लाख रु.
Published on:
29 Jul 2022 09:59 pm
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