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कोरोना का असर : बच्चे परीक्षा में लिख रहे लेटर

उत्तरपुस्तिका में कई स्टूडेंट टीचर के नाम लेटर लिख गए, जिसमें किसी ने लिखा है सर कोरोना के कारण पढ़ाई नहीं हो पाई, तो किसी ने लिखा हम बीमार थे, तो किसी ने ये तक लिख दिया कि कोराना के दौरान बीमार हो गए थे, प्लीज सर पास जरूर कर देना।

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कोरोना का असर : बच्चे परीक्षा में लिख रहे लेटर

कोरोना का असर : बच्चे परीक्षा में लिख रहे लेटर

अशोकनगर. बोर्ड परीक्षाओं की कापियां जांचने का काम प्रदेशभर में शुरू हो गया है, इस बार कापियां जांचते समय शिक्षकों को कोरोना का असर साफ दिख रहा है, क्योंकि अधिकतर बच्चे स्कूल नहीं खुलने के कारण ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाए, थोड़ी बहुत जो ऑनलाइन पढ़ाई हुई, उसी के आधार पर परीक्षा तो दे दी, लेकिन उन्हें इस बार अच्छे नंबर आने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है, ऐसे में उत्तरपुस्तिका में कई स्टूडेंट टीचर के नाम लेटर लिख गए, जिसमें किसी ने लिखा है सर कोरोना के कारण पढ़ाई नहीं हो पाई, तो किसी ने लिखा हम बीमार थे, तो किसी ने ये तक लिख दिया कि कोराना के दौरान बीमार हो गए थे, प्लीज सर पास जरूर कर देना।

उत्तरपुस्तिका में प्रश्नों के उत्तर के साथ छात्रों के निवेदन भरी लाइनें भी मिल रही हैं, जो मूल्यांकनकर्ताओं में चर्चा बनी हुई हैं। कुछ छात्रों ने मूल्यांकनकर्ता से निवेदन करते हुए लिखा है कि कोरोना के चलते पढ़ाई नहीं कर सके, प्लीज पास कर देना। तो कुछ छात्रों ने परीक्षा की तैयारी के दौरान बीमार रहने का कारण बताते हुए लिखा है कि हमारी तबीयत खराब थी।

दरअसल ये मामला बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन के दौरान नजर आ रहा है। जिले में 4३ हजार उत्तरपुस्तिकाएं आई हैं, जिनमें हाईस्कूल की 21 हजार 501 और हायर सेकेंडरी की 22 हजार 6 07 उत्तरपुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए जिले में आई हैं। मूल्यांकन के दौरान उत्तरपुस्तिकाओं में छात्रों की ऐसी निवेदन भरी लाइनें मूल्यांनकर्ताओं को मिल रही हैं। मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों का कहना है कि कोरोना काल में छात्रों के शैक्षणिक स्तर पर भी असर पड़ा है और उत्तरपुस्तिकाओं में मिल रही छात्रों की निवेदन वाली यह लाइनें इसका उदाहरण है। वहीं हिंदी विषय में एक छात्र ने तो अशुद्ध तरीके से लिखा है पस कर देना।

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दो उत्तरों पर भी मिलेंगे अंक
मूल्यांकन केंद्र अधिकारी बीके बामोरिया ने बताया कि हाईस्कूल की गणित विषय में वैकल्पिक प्रश्नों के दो उत्तर देने पर भी अंक मिलेंगे। वैकल्पिक प्रश्नों में चार में से एक सही उत्तर होता है, लेकिन दो ऐसे वैकल्पिक प्रश्न हैं, जिनमें यदि छात्र दो-दो उत्तर या उत्तर का क्रमांक लिख देता है तो भी उसे अंक दिए जाएंगे। 120 शिक्षक जिले में विषयवार सात अलग-अलग कक्षों में बैठकर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रहे हैं और अब तक जिले में करीब दो हजार उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो चुका है।