
अशोकनगर. अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए मंगलवार को किसानों ने अशोकनगर में बड़ा प्रदर्शन किया। एक सैकड़ा ट्रैक्टरों से किसानों ने रैली निकाली, प्रशासन ने रैली को रास्ते में ही रोक दिया तो गुस्साए किसानों ने चक्काजाम कर दिया और आधा घंटे तक सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। भीड़ देख रैली में शामिल होने कांग्रेसी नेता पहुंचे तो किसानों ने उन्हें भी वापस लौटा दिया। बाद में भाजपा-कांग्रेस के नेता दूर खड़े होकर किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते रहे।
किसानों का बड़ा प्रदर्शन, मुआवजे की मांग
मंगलवार को युवा किसान संघर्ष संगठन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान त्रिदेव मंदिर पर एकत्रित हुए। साढ़े 12 बजे से एक सैकड़ा ट्रैक्टरों के साथ कलेक्ट्रेट जाने रैली निकाली, लेकिन जानकारी मिली तो एक सैकड़ा पुलिस जवानों के साथ एसडीएम-एसडीओपी ओवरब्रिज से पहले ही वायपास रोड पर बेरीकेट्स लगा खड़े हो गए। जिन्होंने किसानों की रैली को रोक दिया। इससे किसानों ने नाराजगी जताई और कहा कि राजनैतिक कार्यक्रमों में भीड़ जुटने पर खुली छूट है, लेकिन किसानों को रोका जा रहा है। प्रशासन के रोके जाने से नाराज किसान बायपास पर ही पेट्रोल पंप के पास धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी भी की। बाद में वहीं पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को अपनी मांगों का ज्ञापन देकर चले गए। करीब एक घंटे तक किसानों का विरोध प्रदर्शन चला।
कांग्रेसियों को लौटाया कहा प्रदर्शन को राजनैतिक न बनाएं
किसान के बड़ी संख्या में एकत्रित होने और विरोध प्रदर्शन करने की खबर लगते ही कांग्रेस नेता अनीता जैन व रितेश जैन भी रैली में शामिल होने के लिए पहुंचे लेकिन किसानों ने हाथ जोड़कर उन्हें रैली में शामिल न होने के लिए कहा कि उनके कार्यक्रम को वह राजनैतिक न बनाएं और रैली में साथ में भी शामिल न रहें। बाद में कुछ अन्य कांग्रेसी व भाजपा नेता भी वहां पहुंचे, जो बाद में पेट्रोल पंप के पास खड़े होकर किसानों का विरोध-प्रदर्शन देखते रहे।
खराब हो चुकी फसलें लेकर भी पहुंचे किसान
पानी भरने व नदियों के बहाव और बीमारियों से खराब हो चुकी फसलों को लेकर किसान रैली में शामिल हुए। जहां उन्होंने अधिकारियों को वह खराब हो चुकी फसलें भी बताईं। वहीं आमखेड़ा तूमैन गांव के किसानों ने भी बीमारी से उड़द-सोयाबीन पूरी तरह से नष्ट हो जाने से कलेक्टर को समस्या बताई और सर्वे कराने व मुआवजा दिलाने की मांग की।
ज्ञापन में किसानों की मुख्य मांगें-
- सभी प्रकार की रबी-खरीफ व नकदी फसलों की खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून बनाया जाए।
- स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करें, बिजली ट्रांसफार्मर सब्सिडी योजना से फिर से चालू कराएं।
- प्राकृतिक प्रकोप से फसलों में नुकसान होने पर क्षतिपूर्ति के लिए कानून के रूप में सुरक्षा कवच दिया जाए।
- फसल खरीदने वाले व्यापारी लाईसेंसधारी ही होना चाहिए, ऑनलाइन सिस्टम बनाएं कि देश की फसलों की जानकारी मिले।
- मक्का-सोयाबीन व उड़द भी समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था करें, मंडी अधिनियम खत्म न किया जाए।
- ढ़ाई साल पहले की बकाया सोयाबीन की भावांतर राशि व गेहूं के बोनस का भी शीघ्र भुगतान कराएं।
Published on:
01 Sept 2020 10:45 pm
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