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धान व मक्का में किसानों का रुझान, मध्यम अवधि की सोयाबीन की भी बढ़ गई मांग

खरीफ खेती: खरीफ फसलों की शुरु हुई बोवनी, सबसे ज्यादा मुंगावली में हो चुकी है बोवनी।

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धान व मक्का में किसानों का रुझान, मध्यम अवधि की सोयाबीन की भी बढ़ गई मांग

धान व मक्का में किसानों का रुझान, मध्यम अवधि की सोयाबीन की भी बढ़ गई मांग




अशोकनगर. पिछले बार ज्यादा बारिश से हुए नुकसान के बाद इस बार किसानों का रुझान धान व मक्का में बढ़ रहा है। इससे जिले में धान व मक्का का रकबा बढऩे की संभावना है, तो वहीं पिछले वर्षों की बारिश की स्थिति को देखते हुए जिले में मध्यम अवधि के सोयाबीन की बीज की मांग बढ़ गई और ज्यादातर किसान कम अवधि की वजाय मध्यम अवधि का सोयाबीन ज्यादा मात्रा में बो रहे हैं।
जिले में जहां रोपने वाली धान का रकबा तो हर साल बढ़ ही रहा है, वहीं बोने वाली धान का भी रकबा बढ़ रहा है। किसानों के मुताबिक जिन खेतों में ज्यादा पानी भरता है, उनमें वह इस बार बोने वाली धान की खेती करने की तैयारी में है और इसका अंदाजा बीज दुकानों से बिक रहे धान के बीज की बिक्री को देखकर लगाया जा सकता है। साथ ही मक्का की खेती में भी किसानों की रुचि बढ़ी है और उड़द में यलो मोजेक की समस्या से परेशान होकर किसान मक्का की बोवनी कर रहे हैं।
बारिश की स्थिति के साथ बदल रहा सोयाबीन बीज-
बारिश की बदलती स्थिति के साथ ही जिले में सोयाबीन के बीजों में भी बदलाव हो रहा है। बारिश कम होने की वजह से जहां किसान लंबी अवधि वाले सोयाबीन की बोवनी बंद कर चुके हैं, और कम अवधि में तैयार होने वाली सोयाबीन की खेती कर रहे थे। लेकिन पिछले तीन साल में बारिश की स्थिति बदलने से अब किसान मध्यम अवधि की सोयाबीन का बीज ज्यादा मात्रा में खरीद रहे हैं। बीज विक्रेता अजयप्रतापसिंह के मुताबिक इस बार सोयाबीन की 2034 किस्म की ज्यादा मांग है, क्योंकि यह कम अवधि में तैयार होने वाली सोयाबीन से 10-15 दिन देरी से तैयार होती है।
ज्यादा उत्पादन पाने, देशी की वजाय हाइब्रिड की ज्यादा मांग-
किसान राजकुमार यादव, जयकुमार और धमेंद्रसिंह के मुताबिक किसान खेतों में मेहनत तो पूरी करता है और दवाओं व खाद पर भी पर्याप्त खर्चा करता है, लेकिन उत्पादन कम होता है। इससे अधिक उत्पादन के लिए देशी बीजों की वजाय किसान हाईब्रिड बीज ज्यादा मात्रा में खरीद रहे हैं, ताकि मेहनत के हिसाब से फसलों का उत्पादन भी मिल सके।