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अमानवीय नजारा जिला अस्पताल में फिर दिखा, गंभीर हालत में पहुंची गर्भवती को नहीं मिला स्ट्रेचर

परिजन पैदल चलाकर मेटर्निटी वार्ड के अंदर ले गए...
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जिला अस्पताल में फिर दिखा अमानवीय नजारा, गंभीर हालत में पहुंची गर्भवती को नहीं मिला स्ट्रेचर

जिला अस्पताल में फिर दिखा अमानवीय नजारा, गंभीर हालत में पहुंची गर्भवती को नहीं मिला स्ट्रेचर

अशोकनगर. जिला अस्पताल में शुक्रवार को फिर अमानवीय नजारा दिखाई दिया। गंभीर हालत में पहुंची गर्भवती महिला को न तो एंबुलेंस का स्ट्रेचर मिला और न ही जिला अस्पताल का। दर्द से कराहती महिला को उसके परिजन पैदल चलाकर मेटर्निटी वार्ड के अंदर ले गए।

दोपहर में करीब 2.30 बजे सहोदरी निवासी रानी बाई पत्नी धमेन्द्र अहिवार को 108 एंबुलेंस से परिजन जिला अस्पताल लाए थे। उसे बहुत अधिक प्रसव पीड़ा हो रही थी और वह बैठने तक की स्थिति में नहीं थी। लेकिन उसे चलकर जाना पड़ा।

ऐसे में यदि खड़े-खड़े बच्चा बाहर आ जाता तो बात बिगड़ सकती थी। लेकिन न तो अस्पताल स्टाफ ने इस पर कोई ध्यान दिया और न ही संजीवन 108 के स्टाफ ने। दर्द से बेहाल महिला के परिजनों ने उसे नीचे उतारा और उसकी अस्त-व्यस्त साड़ी को ठीक किया। इसके बाद खड़ा कर उसे चलाकर वार्ड तक ले गए।

रस्सी से बंधा था एंबुलेंस का स्ट्रेचर
एंबुलेंस में गंभीर मरीजों व गर्भवती महिलाओं के लिए स्ट्रेचर की सुविधा होती है। यह स्टे्रचर रानी बाई को लेकर आई एंबुलेंस में भी था। लेकिन स्ट्रेचर को रस्सी से इतनी मजबूती से बांधकर रखा गया था। स्ट्रेचर ऐसे बंधा था कि उसे खोलने में ही काफी समय लग जाए।

ऐसे में गंभीर मरीजों व गर्भवती महिलाओं की जान पर भी बन सकती है। उनके लिए एक-एक मिनिट कीमती होता है। लेकिन जिला अस्पताल में इस तरह की लापरवाही आए दिन नजर आ रही है।