
MP minister Vijay Shah
Minister Vijay Shah: मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्यमंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह के एक बयान पर उपजे विवाद के बीच अब आदिवासी समाज और छात्र संगठन उनके समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। शुक्रवार को शहर में डॉ. कुंवर विजय शाह मित्र मंडल और अजा-जजा व अन्य पिछड़ा वर्ग छात्र संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन दिया। समाज के युवाओं ने कहा कि मंत्री अपनी भाषाई त्रुटि के लिए चार बार सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं, इसलिए उनकी जनसेवा और वरिष्ठता को देखते हुए अब इस प्रकरण को समाप्त होना चाहिए।
इस ज्ञापन में तर्क दिया गया कि डॉ. विजय शाह न केवल आदिवासी समाज के सर्वमान्य नेता हैं, बल्कि वीरांगना रानी दुर्गावती के 52 गढ़ों में से एक मकड़ाई रियासत के राजपरिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे लगातार आठ बार से विधायक चुने जा रहे हैं, जो उनकी लोकप्रियता और जनसेवा का प्रमाण है। समर्थकों का कहना है कि उन्होंने पूर्व में शिक्षा, वन और संस्कृति जैसे अहम मंत्रालय संभाले हैं और उनके द्वारा शुरू की गई योजनाएं आज भी जनता के लिए हितकारी हैं। ऐसे में एक अनजाने में हुई भाषाई त्रुटि के कारण उनके 35-40 वर्षों के त्याग और राष्ट्रप्रेम को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने आए युवाओं ने कहा कि मंत्री डॉ. शाह ने अपनी गलती स्वीकारते हुए एक बार नहीं, बल्कि चार बार सार्वजनिक मंचों से माफी मांगी है। मनुष्य से गलती होना स्वाभाविक है, इस भावना और आदिवासी समाज की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए राष्ट्रपति से इस विवाद को समाप्त करने और उनकी क्षमा स्वीकार करने का अनुरोध किया गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से रविंद्र आदिवासी, बुद्धि आदिवासी, उदयभान आदिवासी, नरेंद्र बंजारा, ऋषभ कुशवाह और गोलू केवट सहित अन्य लोग शामिल थे।
बता दें कि एमपी के मंत्री विजय शाह आए दिन अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में आते रहे हैं। लेकिन इस बार उन्होंने भारतीय सेना के गौरव कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया था, जिसे न केवल भारतीय सेना बल्कि राष्ट्र का अपमान भी माना गया। मामला सुप्रीम कोर्ट में है।
Updated on:
13 Feb 2026 03:28 pm
Published on:
13 Feb 2026 03:25 pm
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