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भाजपा कांग्रेस के कुछ बड़े चेहरे भी लड़ सकते हैं! सपाक्स से चुनाव

सपाक्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी ने ली कार्यकर्ताओं की बैठक, एक्ट्रोसिटी एक्ट में 24 से होगा नया आंदोलन...
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अशोकनगर

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Deepesh Tiwari

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Updated: 23 Oct 2018, 9:00 AM IST

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atrocity act

अशोकनगर@अरविंद जैन की रिपोर्ट...
सामान्य पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण समाज संस्था सपाक्स के विधानसभा प्रत्याशियों की पहली सूची 2 नवम्बर को जारी की जाएगी। यह जानकारी सपाक्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं रिटायर्ड आईएएस हीरालाल त्रिवेदी ने दी। वे यहां सोमवार दोपहर पार्टी की बैठक में हिस्सा लेने आए थे।

त्रिवेदी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि 2 नवम्बर को जारी होने वाली सपाक्स उम्मीदवारों की पहली सूची में करीब 80 प्रत्याशियों की घोषणा किया जाना संभावित है।

उन्होंने बताया कि भाजपा और कांग्रेस के कई बडे चेहरे भी सपाक्स से चुनाव लड़ सकते हैं। दोनों ही राजनैतिक दलों के करीब 15.20 बडे नेताओं ने सपाक्स के बैनर तले चुनाव लडने के लिए उनसे समपर्क किया है। इसमें अशोकनगर के लोग भी शामिल हैं।

त्रिवेदी ने बताया कि एट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ सपाक्स 24 अक्टूबर से नया आंदोलन शुरू करने जा रही है। हफ्ते भर तक चलने वाले इस आंदोलन की प्रमुख मांग एट्रोसिटी एक्ट में आने वाले उन सभी अपराधों को जमानती अपराध की श्रेणी में लाने की है, जो कि सीआरपीसी के तहत जमानती अपराध की श्रेणी में आते हैं।

वहीं एट्रोसिटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करने, अग्रिम जमानत का प्रावधान रखे जाने जैसी अन्य प्रमुख मांगे भी हैं। त्रिवेदी ने बताया कि इस आंदोलन के तहत संशोधित एट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ जागरुकता लाने के लिए रैली निकाल कर ज्ञापन दिया जाएगा, नुक्कड़ नाटक किए जाएंगे।

हर शहर में एक दीवार निश्चित कर उस पर एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में नारे लिखा कर लोगों से उनके हस्ताक्षर लिए जायेंगे। विधानसभा चुनाव के लिए वोट मांग रहे भाजपा कांग्रेस के नेताओं से प्रश्नावली के माध्यम से पूछा जाएगा कि जब एट्रोसिटी एक्ट में एमिडमेंट हुआ तब आप क्यों नहीं बोले, जब लोगों पर अत्याचार अनाचार हो रहे हैं तब क्यों नहीं बोल रहे हों।

उनके मुताबिक कि यह आंदोलन एक हफ्ते तक चलाएंगे, लेकिन चुनाव के बाद इन मुद्दों को लेकर एक बडा आंदोलन खडा किया जाएगा और यदि सरकार एट्रोसिटी एक्ट के संशोधन को वापिस नहीं लेती तो हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

राजनैतिक दल के रूप में मान्यता नहीं मिल पाने पर त्रिवेदी ने कहा कि हमने राजनैतिक दल के रजिस्ट्रेशन के लिए अगस्त में ही चुनाव आयोग को आवेदन दिया है, उन्होंने कहा कि सपाक्स समाजिक संगठन था और इसे हम समाजिक संगठन के तौर पर ही चलाना चाहते थे।

जब हमने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत सभी सांसदों को ज्ञापन दिए और 2018 अगस्त में एमिडमेन्ट बिल राज्यसभा में रखा गया, लेकिन इनमें से कोई भी हमारे पक्ष में नहीं बोला, तब हमें लगा कि राजनैतिक पार्टी बनाना चाहिए।

राजनैतिक दल के रूप में निर्वाचन आयोग से मान्यता नहीं मिल पाने के कारण सपाक्स प्रत्याशियों को एक समान चुनाव चिन्ह नहीं मिल पाने के सवाल पर त्रिवेदी ने कहा हमने चुनाव आयोग से निवेदन किया है, जिसका फैसला 30-31 अक्टूबर तक आने की सम्भवना है और हमें उम्मीद है कि हमारे सभी प्रत्याशियों को एक समान चुनाव चिन्ह मिल जाएगा।

वहीं चुनाव लडने के लिए फं ड व्यवस्था को लेकर त्रिवेदी ने कहा कि हमें फंड की जरूरत नहीं है, जो थोड़ा बहुत खर्चा है, वह सभी समाज के लोग मिलकर कर रहे हैं। कैंडिडेट के चयन की प्रक्रिया के सम्बंध में त्रिवेदी ने बताया कि विभिन्न समाज के लोग मिल बैठ कर प्रत्याशी का नाम तय करेंगे।

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