
अशोकनगर। मुंगावली विधान सभा उपचुनाव के लिए 24 फरवरी को मतदान होना है, ऐसे में विधानसभा क्षेत्र में 312 मतदाता ऐसे मिले जिनके नाम मतदाता सूची में दो से तीन बार दर्ज मिले। कांग्रेस की शिकायत पर निर्वाचन आयोग ने रिपोर्ट मांगी तो जांच में यह खुलासा हुआ। इस पर कलेक्टर बीएस जामोद ने लापरवाही बरतने पर तीन बीएलओ को निलंबित कर दिया है, वहीं एसडीएम-तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर जबाब मांगा गया है।
मतदाताओं के सूची में दो से तीन बार नाम मिलने पर कलेक्टर ने कलेक्टर ने मतदान केंद्र क्रमांक 195 करैयातुर्क के बीएलओ सहायक शिक्षक मथुरालाल नरवरिया, केंद्र 200 बरखेड़ाअथाई के सहायक अध्यापक मनोज शर्मा और केंद्र 248 बावरोद के सहायक अध्यापक नौनीतराम को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया है। मतदान केंद्र क्रमांक एक सूरैल के बीएलओ रोजगार सहायक मनोज यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं कलेक्टर ने एसडीएम-तहसीलदार से भी मतदाता सूची में हुई इस लापरवाही पर जबाब मांगा है। मतदाता का दो से तीन बार नाम शामिल होने का कारण मोबाइल एप को बताय जा रहा है,
अधिकारियों का कहना है कि बीएलओ ने एप से नाम दर्ज किया, लेकिन सॉफ्टवेयर पर नाम न दिखने से उन्होंने दो से तीन बार अपडेट कर दिया। इससे यह गड़बड़ी हुई, जबकि मोबाइल एप से नाम जोडऩे पर 12 से 14 घंटे बाद नाम दिखता है। कांग्रेस ने मुंगावली विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 18 हजार फर्जी मतदाता होने का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से शिकायत की, तो मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीनासिंह ने कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी थी। इस पर कलेक्टर ने विधानसभा क्षेत्र की सूची का सत्यापन कराया, तो उसमें 312 मतदाताओं के नाम दो से तीन बार दर्ज पाए गए, वहीं 245 मतदाता अनुपस्थित, 435 स्थानांतरित और 8 34 मतदाता मृत पाए गए। कलेक्टर ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई कर पूरे मामले की रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेज दी है।
312 मतदाताओं के दो से तीन बार नाम सूची में दर्ज मिले। इससे बीएलओ को निलंबित किया है, वहीं एसडीएम-तहसीलदार को नोटिस जारी कर जबाव मांगा है। वहीं अब पीठासीन अधिकारियों को दोहरे नाम, अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की सूची दी जाएगी। उसी के आधार पर मतदान होगा।
- बीएस जामोद, कलेक्टर
फर्जी मतदान रोकने अब यह किया उपाय
पीठासीन अधिकारियों को डबल-ट्रिपल मतदाता, अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की सूची सौंपी जाएगी। इससे यदि इन सूची में शामिल नाम का कोई मतदाता मतदान करने आता है तो उसे इपिक कार्ड के अलावा अन्य परिचय पत्र भी दिखाना होगा, इसी के बाद वह मतदान कर सकेगा। वहीं अद्यतन सूची के आधार पर ही मतदाता पर्ची भी वास्तविक मतदाता तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कलेक्टर ने निर्वाचन आयोग को सौंपी गईअपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के बोगस या फर्जी मतदान होने की संभावना नहीं होगी।
Published on:
19 Feb 2018 01:23 pm
बड़ी खबरें
View Allअशोकनगर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
