
Notice of expulsion to 225 striking contract health workers
contract health workers- एमपी में सैकड़ों अधिकारी, कर्मचारियों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। इसके लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। प्रदेशभर में चल रही स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल के मुद्देनजर यह नोटिस जारी किया गया है। राज्य के अन्य जिलों के समान अशोकनगर जिले में भी हड़ताल का स्वास्थ्य सुविधाओं और सेवाओं पर गहरा असर पड़ा है। खासतौर पर गांवों में लोगों को इलाज ही नहीं मिल पा रहा, स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लटके हैं। ऐसे में सीएमएचओ ने सख्ती दिखाते हुए हड़ताल कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों, अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए साफ कह दिया है कि काम पर नहीं लौटे तो निष्कासन तय है। इस बीच हड़ताल पर बैठे एक कर्मचारी की तबीयत बिगड़ गई जिससे उन्हें ICU में भर्ती किया गया।
अशोकनगर जिले में हड़ताली कर्मचारियों, अधिकारियों की संख्या करीब 225 बताई जा रही है। इन सभी को जारी नोटिस CMHO ने कहा है कि काम पर आ जाओ नहीं तो निष्कासन कर दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश में सभी संविदा स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि राज्य सरकार ने वादा खिलाफी की है, पूर्ववर्ती शिवराजसिंह चौहान की सरकार द्वारा किए गए वादे नहीं निभाए। संविदा स्वास्थ्य अधिकारी, कर्मचारी स्पष्ट कह रहे हैं कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती, वे काम पर नहीं लौटेंगे, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
प्रदेशभर की तरह अशोकनगर जिले में भी संविदा स्वास्थ्यकर्मी पिछले 5 दिनों से हड़ताल पर हैं। यहां कुल 225 कर्मचारी, अधिकारी हड़ताल पर हैं जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। जिला अस्पताल परिसर में ही विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। हड़ताल के दौरान एकाउंटेंट विशाल बंसल की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
इस बीच सीएमएचओ डॉक्टर नीरज छारी ने सख्त तेवर अख्तियार कर लिए हैं। उन्होंने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों, अधिकारियों को हटाने की चेतावनी दी है। सीएमएचओ ने सभी हड़ताली संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस जारी किया है। इसमें तुरंत काम पर लौटने को कहा गया है। हड़ताल खत्म नहीं करने पर निष्कासित कर दिए जाने की चेतावनी दी है।
Published on:
27 Apr 2025 08:25 pm
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