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बिजली पर हंगामा: किसान ने कहा-रात में सिंचाई से मर जाएंगे, एसई बोले-मौत पर 4 लाख देती है सरकार

एसई के जवाब से नाराज किसान, कहा-कुर्सी पर रहने लायक नहीं  
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अशोकनगर

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Raju Sharma

•

Updated: 29 Nov 2022, 1:32 AM IST

नाराज किसानों ने किया हंगामा

नाराज किसानों ने किया हंगामा

अशोकनगर. पारा 10 डिग्री से नीचे व सर्द हवा जारी, ऐसी कड़ाके की सर्दी के बीच सिंचाई करने मजबूर किसान ने बिजली एसई को समस्या बताते कहा कि रात में बिजली मिलने से किसान सिंचाई करते मर जाएगा, किसानों का आरोप है कि इस पर बिजली एसई ने जवाब दिया कि मौत पर सरकार 4 लाख रुपए देती है। इससे नाराज किसान धरने पर बैठ गए और तालाबंदी पर अड़ गए। तहसीलदार की बात नहीं माने तो देर शाम एसडीएम उन्हें मनाने पहुंचे।
भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में सोमवार को किसान बिजली एसई कार्यालय के बाहर सुबह से ही धरने पर बैठ गए। दिनभर धरना जारी रहा, शाम को एसई व डीई को भी पास में ही जमीन पर बिठा लिया। इससे पुलिस बल तैनात हो गया और तहसीलदार गजेंद्रसिंह मनाने पहुंचे, किसानों का कहना है कि वह जेल जाने तैयार हैं, लेकिन दिन में बिजली देना शुरु नहीं किया तो यहां से नहीं हटेंगे व कार्यालय में तालाबंदी करेंगे। साथ ही किसानों ने तहसीलदार से कहा कि अब आपको भी यहां से नहीं जानें देंगे। बाद में देर शाम एसडीएम राहुल गुप्ता किसानों को मनाने पहुंचे। इससे एसडीएम किसानों के साथ बैठकर चर्चा करते रहे, लेकिन किसान दिन में बिजली की मांग पर अड़े रहे।
हमें ठेस लगी
हमने 16 नवंबर को एसई को समस्या बताई कि साहब तेज सर्दी पड़ रही है और ऐसे में सिंचाई को रात में बिजली मिल रही है, सर्दी या जहरीले कीड़ों के काटने से किसान मर जाएगा। इस पर बिजली एसई राजेश सक्सेना ने जवाब दिया था कि मौत पर सरकार 4 लाख देती है। इस जवाब से हमें ठेस लगी।
भास्करसिंह रघुवंशी, किसान


सभी सरकारी ऑफिस भी रात में खोलें व रात में काम करें।
बिजली एसई से कहा कि रात में सिंचाई करते समय जहरीले कीड़े काट लेंगे, तो एसई से जवाब मिला कांट लेंगे तो क्या, सरकार 4 लाख देती है। हमारा कहना है कि हम चार करोड़ देंगे, बिजली एसई खेत पर पहुंचकर नंगा तार पकड़ लें। यदि किसानों को रात में बिजली दी जाती है तो सभी सरकारी ऑफिस भी रात में खोलें व रात में काम करें।
जगरामसिंह यादव, प्रदेश मंत्री भारतीय किसान संघ


आरोप निराधार हैं
ऊपर से पूरा शेड्यूल निर्धारित है, उसी हिसाब से बिजली सप्लाई कर रहे हैं। दिन में बिजली का प्रस्ताव भेजा है, मंजूर हो जाए तो दिन में देने लगेंगे। मैंने किसी किसान से इस तरह की बात नहीं की, यदि कोई कर्मचारी भी ऐसी बात मेरे सामने करता तो मैं उस पर कार्रवाई करता, आरोप निराधार हैं।
राजेश सक्सेना, एसई बिजली कंपनी अशोकनगर

किसान बोले-हम करोड़ देंगे, खेत पर चलकर तार पकड़ लें एसई
किसानों का कहना है कि हमने तो समस्या बताई थी, लेकिन समस्या पर बिजली एसई राजेश सक्सेना ने जवाब दे दिया कि मौत पर सरकार चार लाख रुपए देती है। किसानों ने कहा कि यह अधिकारी कुर्सी पर रहने लायक नहीं है। किसानों ने यह भी कहा कि एसई तो किसान की मौत पर चार लाख रुपए की बात कर रहे हैं, यदि एसई राजेश सक्सेना खेत पर चलकर बिजली का नंगा तार पकड़ लें तो किसान चार करोड़ देंगे। एसई का कहना है कि उन्होंने यह नहीं कहा।
मांग: सिंचाई को रात में बिजली, तो सरकारी ऑफिस भी रात में खुलें
किसान संघ ने कहा कि अधिकारी खुद तो ऑफिसों में दिन में काम करते हैं, लेकिन किसानों को सिंचाई के लिए रात में बिजली दी जाती है और इसका किसानों से मनमाना पैसा वसूल किया जाता है। किसान संघ ने कहा कि यदि सिंचाई के रात में बिजली दी जाती है तो कलेक्ट्रेट, एसपी ऑफिस, बिजली कार्यालय सहित सभी ऑफिस रात में खोले जाएं और अधिकारी भी ऐसी सर्दी में ऑफिसों में रात में काम करें तो हम भी रात में बिजली मिलने का विरोध नहीं करेंगे।