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सूर्यदेव ने रोहिणी नक्षत्र में किया प्रवेश, पहले दिन तीन डिग्री गिरा पारा

तीन दिन से तमतमा रहा था सूरज, रात में चली ठंडी हवाएं

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rohani

सूर्यदेव ने रोहिणी नक्षत्र में किया प्रवेश, पहले दिन तीन डिग्री गिरा पारा

अशोकनगर। तीन दिनों से अपने तेवर दिखा रहे सूर्यदेव शुक्रवार को नवतपा के पहले दिन भी जमकर तपे। लेकिन गुरूवार की अपेक्षा तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले रात में तेज गति से ठंडी हवाएं भी चलीं। जिससे रात के तापमान में गिरावट आई। ज्योतिष के अनुसार सूर्यदेव ने रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर लिया है और नौपता के पहले दिन सुबह से ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। गर्म हवाएं शरीर को झुलसा रही थीं।

लेकिन गुरूवार की अपेक्षा अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। फिर भी तेज धूप व गर्म हवाओं के कारण दो पहिया वाहन चलाना मुश्किल हो रहा था। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि गुरूवार को अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस था।

तेज आंधी की संभावना

पंडित किशनलाल मिश्र ने बताया कि मंगल एवं केतू गृह के मकर राशि में बैठे होने के कारण तेज हवा, आंधी व तेज गर्मी की संभावना है। दोनों गृहों के मकर में होने के कारण बारिश की संभावना अभी नहीं है। लेकिन यदि इन नौ दिनों में किसी दिन बारिश होती है तो जहां पानी गिरेगा, वहां बरसात में उस नक्षत्र में बारिश नहीं होगी।

इसलिए तपता है सूरज

रोहिणी नक्षत्र में सूर्य पृथ्वी के सबसे अधिक नजदीक आ जाता है। सूर्य के नजदीक आ जाने से उसकी किरणों का सीधा असर धरती पर पड़ता है। इसीलिए नौतपों के दौरान सबसे अधिक गर्मी तपिश रहती है। 25 मई से शुरू होकर नौतपा 2 जून तक रहेंगे। जबकि रोहिणी नक्षत्र 8 जून तक रहेगा। इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र शुरू होगा।

इसलिए तपता है सूरज

रोहिणी नक्षत्र में सूर्य पृथ्वी के सबसे अधिक नजदीक आ जाता है। सूर्य के नजदीक आ जाने से उसकी किरणों का सीधा असर धरती पर पड़ता है। इसीलिए नौतपों के दौरान सबसे अधिक गर्मी तपिश रहती है। 25 मई से शुरू होकर नौतपा 2 जून तक रहेंगे। जबकि रोहिणी नक्षत्र 8 जून तक रहेगा। इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र शुरू होगा।