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ग्रामीण क्षेत्रों में बंद पड़े हैं दो सैंकड़ा ट्रांसफार्मर, मेंटेनेंस के नाम पर हो रही है कटौती

इधर कनेक्शन कटने के बाद डायरेक्ट जोडऩे पर धारा 138 के तहत दो पर प्रकरण दर्ज

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bijli vibhag

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अशोकनगर. डिवीजन क्षेत्र के दो सैंकड़ा गांवों में ट्रांसफार्मर फैल होने के कारण अंधेरा पसरा हुआ है और दूसरी तरफ भीषण गर्मी में मेन्टेनेंस व लाइन शिफ्टिंग के नाम पर हो रही कटौती लोगों को रुला रही है। अशोकनगर डिवीजन में 199 गांवों के ट्रांसफार्मर फैल होने के कारण गांवों में बिजली बंद पड़ी है। डिवीजन में कुल सात डीसी अशोकनगर, आंवरी, तूमैन, शाढ़ौरा, नईसराय, ईसागढ़ व चंदेरी हैं। जहां कुल 7696 ट्रांसफार्मर लगे हैं और इन पर 96 हजार 904 कनेक्शन हैं।

ट्रांसफार्म बंद होने से गांवों में अंधेरा तो है ही, साथ ही भीषण गर्मी में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। दिन तो जैसे-तैसे कट जाता है, रात निकालना लोगों के लिए मुश्किल हो रही है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में कटौती कम है, फिर भी अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग समय में घोषित-अघोषित कटौती की जा रही है।

विभाग के अनुसार बकाया राशि के कारण किसी भी गांव में बिजली बंद नहीं है। जो ट्रांसफार्मर उठा लिए गए थे, उन्हें सौभाग्य योजना के तहत वापस रखा जा रहा है। गांवों में डीपियां फैल होने की वजह से बिजली बंद है, उनकी जगह भी दूसरी डीपी रखवाने की कार्रवाई की जा रही है। लोड अधिक होने या अन्य कारणों से ट्रांसफार्मर फैल हो जाता हैं।

बिजली पहुंची नहीं आने लगे बिल
दूसरी और सौभाग्य योजना चालू होने के बाद खुश हो रहे ग्रामीणों की खुशी काफूर हो गई है। योजना के तहत बिजली तो पहुंची नहीं, बिल पहुंचने लगे। ग्राम डंगारो के महेन्द्रसिंह ने बताया कि तीन महीने पहले सौभाग्य योजना के कनेक्शन दिए गए थे। लेकिन डीपी अभी तक नही रखी गई। उन्हें विभाग ने 646 रुपए का बिल भेजा है। इसके अलावा भूपेन्द्रसिंह, जितेन्द्रसिंह सहित अन्य गांव वालों को भी बिल दे दिया गया है।

रांवसर में भी सालों से बंद बिजली सौभाग्य योजना में चालू होनी थी, लेकिन अभी तक वहां भी ट्रांसफार्मर रखा नहीं हुआ है। मडख़ेड़ा और धमरासा के ग्रामीणों की भी यही शिकायत है। इसके अलावा नईसराय के ग्राम भैसा में भी ग्रामीणों ने बिना बिजली के बिल पहुंचने की शिकायत की है। दूसरी ओर योजना के तहत विभाग क्षेत्र में 12 हजार 641 कनेक्शन बांटे जाने की बात कह रहा है।

शहरी क्षेत्र में 287 ट्रांसफार्मर
शहरी क्षेत्र में 5 फीडर और 287 ट्रांसफार्मर लगे हैं। कनेक्शनों की संख्या के हिसाब से 21.3 मेगावाट बिजली की मांग है और 24 मेगावाट बिजली की उपलब्धता है। सहायक प्रबंधक नरेन्द्र प्रताप ठाकरे के अनुसार शहरी क्षेत्र के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। कटौती केवल लाइन या पोल शिफ्टिंग के लिए ही की जा रही है। अन्यथा की स्थिति में 24 घंटे बिजली उपलब्ध है। इसके अलावा नपा को 15-20 नए ट्रांसफार्मर का प्रपोजल भी भेजा गया है। ताकि भविष्य में लोड बढऩे पर लोगों को दिक्कत न आए।

इधर बिजली चोरी के दो प्रकरण बने
शहर में बुधवार को विभाग ने बिजली चोरी के दो प्रकरण बनाए। कारीगर मोहल्ले में दो उपभोक्ताओं ने बिल बकाया होने के कारण कनेक्शन कटने के बाद डायरेक्ट लाइन डाल ली थी। इनमें प्रकाशचंद विश्वकर्मा पर 33 हजार 177 और खेमचंद सिलावट पर 87 हजार 572 रुपए का बिल बकाया था। दोनों के कनेक्शन 30 अप्रैल को काटे गए थे। वे खंबे से डायरेक्टर लाइन जोड़कर बिजली चोरी कर रहे थे। दोनों पर विद्युत अधिनियम की धारा 138 के तहत कार्रवाई की गई।