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अशोकनगर. टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने अब स्वास्थ्य विभाग अनोखा तरीका अपना रहा है। हकीकत इसी से समझ सकते हैं कि आठ माह पहले जिस महिला की मौत हो गई, स्वास्थ्य विभाग ने दिसंबर में उसे वैक्सीन का दूसरा डोज लगा दिया। साथ ही वैक्सीन के दोनों डोज लगने का प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया। मामला जिले के चंदेरी शहर का है। चंदेरी निवासी 65 वर्षीय विनोदबाई जैन पत्नी गुलाबचंद जैन को कोरोना से बचाव की वैक्सीन का 11 अप्रैल को पहला डोज लगा था। लेकिन 12 अप्रैल को विनोदबाई राजघाट तरफ पैदल घूमने जाते समय सूखी नहर में गिर गईं और इससे उनकी मृत्यु हो गई थी। जिनका मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी हुआ। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण का लक्ष्य पूर्ण करने आठ दिसंबर को मृतका विनोदबाई जैन को वैक्सीन का दूसरा डोज लगाना दर्ज कर दिया। साथ ही दोनों डोज लगने का प्रमाण पत्र भी जारी हो गया है। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। साथ ही लोगों का सवाल है कि क्या इस तरह फर्जी तरीके से लोगों को दोनों डोज लगना दर्ज बताकर वैक्सीन भी फेंकी जा रही है।
दूसरा डोज लगने का मैसेज आया, तो मिली जानकारी
मृतका विनोदबाई जैन के भतीजे अतुल जैन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से कई बार फोन आए कि विनोदबाई को दूसरा डोज लगना है, इससे फोन पर सभी को जानकारी भी दी कि उनकी मृत्यु हो गई है। लेकिन 8 दिसंबर को मोबाइल पर मैसेज आया कि दूसरा डोज लग चुका है और प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। प्रमाण पत्र डाउनलोड किया तो उसमें विनोदबाई को 11 अप्रैल को पहला व 8 दिसंबर को दूसरा डोज लगना दर्ज मिला।
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वर्जन-
मुझे इस बारे में जानकारी मिली है तो मैंने संबंधित सिस्टर से बात की है और कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा रहा है। हो सकता है कि किसी अन्य व्यक्ति को वैक्सीन लगाते समय मोबाइल नंबर में कोई अंक गलत दर्ज होने से रिकॉर्ड में मृतक महिला को वैक्सीन लगना दर्ज हो गया हो।
डॉ.एमएल खरगा, बीएमओ चंदेरी
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Published on:
09 Dec 2021 10:11 pm
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