
खाली थैला लेकर महिलाएं पहुंची कलक्टर ऑफिस, गांव पहुंचे अधिकारी तो रह गए दंग
मुंगावली। लॉकडाउन में गरीब खाने खाने को मोहताज है और उनके हिस्से का राशन कालाबाजारियों के लिए मुनाफा का जरिया बन चुका है। गरीब का राशन बांटने की बजाय बेच दिया जा रहा। पीडीएस का राशन परचून की दूकान पर बिकता पाए जाने पर कार्रवाई की गई है।
गौरतलब है कि चिरौली गांव की ढेर सारी महिलाएं खाली थैला लेकर बीते दिनों कलेक्टर के ऑफिस पहुंची थी। महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए पीडीएस का राशन बेचे जाने की शिकायत की। इन लोगों ने बताया था कि सरकारी राशन, मिट्टी तेल बेच दिया जा रहा और उनलोगो को नहीं मिल रहा।
कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच ला आदेश दिया। उनके आदेश पर शुक्रवार को एसडीएम यूसी मेहरा, कनिष्ठ खाद्य आपूर्ति अधिकारी मनोरमा कौशिक, आरआई रामशरण अहिरवार आदि गांव पहुंचे। वहां राशन की दूकान बन्द मिली।
अधिकारियों ने सेल्समेन दीमान सिंह लोधी व मैनेजर को फोन कर बुलाया लेकिन कोई नहीं आया। जांच अधिकारियों ने परिवार के सदस्य से दूकान की चाभी ली। दूकान खोला गया तो स्टॉक रजिस्टर गायब मिला, राशन भी कम था। जांच में पास की परचून की दूकान में काफी मात्रा में सरकारी राशन आदि अवैध तरीके से रखा मिला।
अधिकारियों ने दूकान को सील कर दिया। बताया कि प्रबंधक व सेल्समेन को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है, जवाब नहीं मिल सका है। अब इनपर 3/7 ईसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
30 May 2020, 4:22 PM IST
Published on:
30 May 2020, 4:06 PM IST
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