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Afghanistan: 300 सिखों ने काबुल गुरुद्वारे में ली शरण, तालिबान ने दिया सुरक्षा का भरोसा

काबुल के कारते परवन गुरुद्वारा (Karte Parwan Gurdwara) में 300 सिखों और कुछ हिन्दुओं ने शरण ली है। गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने एक बयान में कहा है कि तालिबान के कुछ स्थानीय नेताओं ने सिखों और हिंदुओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें देश नहीं छोड़ने के लिए कहा।

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Afghanistan: 300 Sikhs And Few Hindus Take Refuge In Karte Parwan Gurdwara of Kabul, Taliban Assures Safety

काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान (Taliban Capture Afghanistan) के कब्जे के बाद हालात भयावाह नजर आ रहे हैं। लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भाग रहे हैं और किसी भी सूरत में अफगानिस्तान से बाहर निकलना चाह रहे हैं। चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल है। इस बीच काबुल, गजनी और जलालाबाद के कम से कम 300 सिखों और कुछ हिन्दुओं ने कारते परवन गुरुद्वारे (Karte Parwan Gurdwara) में शरण ली है।

गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने एक बयान में कहा है कि तालिबान के कुछ स्थानीय नेताओं ने सिखों और हिंदुओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें देश नहीं छोड़ने के लिए कहा। वहीं, सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि तालिाबनी नेताओं ने गुरुद्वारे के बाहर सफेद झंडा लगाने के लिए कहा था ताकि यह संकेत मिल सके कि गुरुद्वारा तालिबान के संरक्षण में है।

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गुरनाम सिंह ने आगे कहा “तालिबानी नेताओं ने हमारे परिवारों को सुरक्षा का आश्वासन दिया। हमें उम्मीद है कि वे अपना वचन निभाएंगें। जानकारी के अनुसार, अफगानिस्तान में स्थित शेष पांच सिख तीर्थस्थल और काबुल में दो हिंदू मंदिर बंद हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख मनजिंदर सिरसा ने कहा कि वह काबुल गुरुद्वारा पैनल के प्रमुख के संपर्क में हैं।

120 भारतीयों को लेकर जामनगर पहुंचा वायुसेना का विमान

आपको बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद बिगड़ते हालात को देखते हुए तमाम देश वहां फंसे अपने-अपने नागरिकों का वापस निकाल रहे हैं। भारत ने अपने नागरिकों को वारस लाने के लिए अभियान तेज कर दिया है।

वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान भारतीय राजदूत के अधिकारियों समेत 120 से अधिक लोगों को लेकर काबुल से गुजरात के जामनगर पहुंच गया है। इससे पहले सोमवार को सी-17 ग्लोबमास्टर विमान करीब 150 लोगों को लेकर भारत पहुंच था। जामनगर पहुंचे भारतीय दूत रुद्रेंद्र टंडन ने खुशी जाहिर की और भारतीय वायुसेना को धन्यवाद दिया। वहीं, बाकी लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाकर अपनी खुशी जाहिर की।

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बता दें कि काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद कई अन्य देशों ने वहां स्थित अपने दूतावास बंद कर दिए हैं। सऊदी अरब ने काबुल में अपने दूतावास से सभी राजनयिकों को निकाल लिया है। अमरीका भी अपने दूतावास को बंद करने का साथ अपने नागरिकों को निकालने में जुटा है। न्यूजीलैंड सरकार भी अफगानिस्तान से अपने लोगों की निकासी के लिए विमान भेज रही है।