
काबुल। अफगानिस्तान में हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव पर तालिबानी खौफ का असर दिखा। चुनाव के बाद सामने आए आंकड़ों में पता चला कि देश में मात्र 20 फीसदी वोटिंग हुई है। इसकी बड़ी वजह चुनाव से पहले आतंकियों को मिली धमकी माना जा रहा है।
एक करोड़ से अधिक मतदाता हैं रजिस्टर
विशेषज्ञों का अनुमान है कि लोग तालिबान के डर से घर से नहीं निकल। इस कारण मतदान प्रतिशत घट गया। आपको याद दिला दें कि अफगानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव से पहले ही अमरीका ने अपनी सेनाओं में कटौती का ऐलान किया था। शनिवार देर रात को चुनाव के गैर आधिकारिक आंकड़ें जारी हुए। इसके अनुसार देश के महज 20 लाख मतदाता वोटिंग के लिए पहुंचे। जबकि, एक करोड़ से अधिक मतदाता रजिस्टर हैं। आसान शब्दों में सिर्फ 20 फीसदी वोटिंग दर्ज हुई।
19 अक्टूबर को आएंगे अफगान चुनाव के नतीजे
चिंता की बात ये है कि यह आंकड़ा साल 2014 के चुनाव के मुकाबले में बेहद कम है। खासकर तालिबान प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों ने चुनाव में कम दिलचस्पी दिखाई। इस बारे में अफगास्तिान विश्लेषकों का कहना है कि इस बार तालिबान की ओर से सबसे अधिक हमले हुए। बताया गया कि करीब 400 तालिबानी हमले हुए जिनमें दर्जनों अफगानी घायल हुए। इसलिए लोग चुनाव के लिए बाहर आने से डरे। आपको बता दें कि इस बार चुनाव में 18 उम्मीदवार मैदान में थे। इनके नतीजे 19 अक्टूबर को सामने आएंगे।
Updated on:
30 Sept 2019 11:43 am
Published on:
30 Sept 2019 11:42 am

