
थिम्पू। चंद्रयान-2 के जरिए भारत भले ही अभी चांद पर अपना लैंडर विक्रम को सॉफ्ट लैंडिंग कराने में सफल नहीं हुआ है, लेकिन पूरी दुनिया में इसको लेकर चर्चाएं हो रही है और भारतीय वैज्ञानिकों के साहस व कौशल की तारीफ कर रहे हैं।
दुनियाभर के लोग व वैज्ञानिक अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी कड़ी में भारत के पड़ोसी और पारंपरिक मित्र देश भूटान ने भी भारतीय वैज्ञानिकों को बधाई व शुभकामनाएं दी है।
भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग ने भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रयान मिशन को लेकर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हमें आज भारत और उसके वैज्ञानिकों पर गर्व है।
लोटे शेयरिंग ने कहा, चंद्रयान-2 की लैंडिंग में आखिरी समय में कुछ चुनौतियां जरूर देखी गईं लेकिन जिस तरह इसरो के वैज्ञानिकों ने साहस और कड़ी मेहनत दिखाई है वह ऐतिहासिक है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भली-भांती जानता हूं। मुझे कोई संदेह नहीं है कि वे और उनकी इसरो की टीम एक दिन इस मिशन को पूरा कर दिखाएगी।
लैंडर विक्रम से संपर्क टूटा
बता दें कि भारत अतरिक्ष में इतिहास रचने से महज दो कदम दूर था, तभी चंद्रयान-2 का दूसरा पड़ाव में लैंडर विक्रम से संपर्क टूट गया।
चांद पर लैंड होने से महज 2.1 किलोमीटर की दूरी पर भारतीय वैज्ञानिकों का संपर्क लैंडर से टूट गया, जिसके बाद अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि विक्रम का लैंडिंग कहां पर हुआ।
फिलहाल वैज्ञानिक लगातार प्रयास कर रहे हैं और विक्रम की गतिविधि को जानने का प्रयास कर रहे हैं। विक्रम के साथ संपर्क बनाने की कोशिश की जा रही है। इसरो चीफ ने भी कहा कि यह मिशन 95 फीसदी सफल रहा है। हम ऑर्बिटर के जरिए लैंडर विक्रम का पता लगा लेंगे।
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Published on:
07 Sept 2019 08:52 pm
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