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अमरीका की कार्रवाई से बौखलाया चीन, कंपनियों पर लगे प्रतिबंध को ठहराया गलत

बीजिंग ने अमरीका की ओर से प्योंगयांग से कारोबार करने वाली चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध का विरोध किया है।
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Mohit sharma

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Updated: 25 Feb 2018, 2:59 PM IST

 America

नई दिल्ली। नॉर्थ कोरिया के साथ अवैध आर्थिक सौदों को लेकर अमरीका और चीन के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। बीजिंग ने अमरीका की ओर से प्योंगयांग से कारोबार करने वाली चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध का विरोध किया है। चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से आए बयान में कहा गया है कि हमारा विरोध अमरीका के निर्णय के खिलाफ है। बयान में चीनी कंपनियों पर लगाए गए बैन को भी गलत ठहराया। बता दें कि इन चीनी कंपनियों पर नॉर्थ कोरिया के साथ गलत तरीके से एग्रीमेंट करने का आरोप लगा था। जिसको लेकर ट्रंप प्रशासन ने ऐसी कंपनियों को बैन करने का ऐलान किया था।

27 कंपनियों पर लगा बैन

वहीं अमरीका के इस फैसले से साफ हो गया है कि वह चीन के खिलाफ अपने दबाव की नीति पर बरकरार रहने वाला है। दरअसल, अमरीका ने सीधा संकेत दिया है कि वह नॉर्थ कोरिया में किसी भी तरह की न्यूक्लियर गतिविधि को बर्दाश्त नहीं कर सकता। ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए प्रतिबंध की चपेट में चीन, सिंगापुर, मार्शल आईलैंडस, पनाम, हॉंग—कॉंग व ताइवान स्थित सभी पंजीकृत कंपनियां आ गई हैं। अमरीका की ओर से नॉर्थ कोरिया व चीन समेत अन्य देशों की कुल 27 शिपिंग कंपनियों और 28 पोतों पर बैन लगाया गया है।

साउथ कोरिया ने किया स्वागत

वहीं, दक्षिण कोरिया ने शनिवार को अमेरिका द्वारा उत्तर कोरिया पर लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों का स्वागत किया और इसे अमेरिका द्वारा लगाया गया अबतक का सबसे कड़ा प्रतिबंध बताया। दक्षिण कोरिया ने कहा है कि ये नए प्रतिबंध शांतिपूर्ण तरीके से उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में उठाया गया कदम है।अमरीकी वित्त विभाग ने शुक्रवार को उत्तर कोरिया के साथ कारोबार कर रहे विभिन्न देशों में स्थित या पंजीकृत 27 कंपनियों और 28 पोतों पर प्रतिबंध लगाए हैं। दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी योनहप को बताया कि ये प्रतिबंध उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे के शांतिपूर्ण और राजनयिक समाधान की दिशा में अमेरिका की प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। दक्षिण कोरिया ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इसे उत्तर कोरिया को परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में ले जाने का प्रयास बताया। इसके साथ ही शांतिपूर्ण तरीके से उत्तर कोरियाई मुद्दे को सुलझाने के लिए सभी स्तरों पर अमेरिका का सहयोग जारी रखने की भी उम्मीद जताई। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि यदि उत्तर कोरिया पर लगाए गए नए प्रतिबंधों से बात नहीं बनती है तो वह और भी कड़े प्रतिबंध लगाएंगे।