वहीं अमरीका के इस फैसले से साफ हो गया है कि वह चीन के खिलाफ अपने दबाव की नीति पर बरकरार रहने वाला है। दरअसल, अमरीका ने सीधा संकेत दिया है कि वह नॉर्थ कोरिया में किसी भी तरह की न्यूक्लियर गतिविधि को बर्दाश्त नहीं कर सकता। ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए प्रतिबंध की चपेट में चीन, सिंगापुर, मार्शल आईलैंडस, पनाम, हॉंग—कॉंग व ताइवान स्थित सभी पंजीकृत कंपनियां आ गई हैं। अमरीका की ओर से नॉर्थ कोरिया व चीन समेत अन्य देशों की कुल 27 शिपिंग कंपनियों और 28 पोतों पर बैन लगाया गया है।