
बीजिंगः चीन ने सीरिया में अमरीका हमले का विरोध करते हुए रूस का समर्थन किया है। सीरिया पर अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस की संयुक्त कार्रवाई की चीन ने कड़ी निंदा की है। चीन की तरफ से कहा गया है कि यह संयुक्त राष्ट्र (यूएन) चार्टर का उल्लंघन है। इससे आगे चलकर संघर्ष का समाधान निकालना और मुश्किल हो जाएगा। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को नजरअंदाज कर की गई कोई भी एकतरफा सैन्य कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों और मानदंडों का उल्लंघन है।
सीरिया पर हमले से संयुक्त राष्ट्र चिंचिंत
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि सीरिया पर हमला अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। संयुक्त राष्ट्र ने अमरीका, रूस और फ्रांस को इस खतरनाक माहौल में धैर्य दिखाने और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने का आग्रह किया है। गुटेरेस ने कहा, "मैं सभी सदस्य देशों से इस खतरनाक हालात में जिम्मेदारी से कदम उठाने का आग्रह करता हूं।"
रूस और ईरान ने की हमले की निंदा
सीरिया पर मिसाइल हमले की रूस और ईरान ने कड़ी निंदा की है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमनेई ने सीरिया पर हमले को अपराध करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन को कुछ हासिल होने वाला नहीं है। उधर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि इससे सीरिया में मानवीय संकट और बढ़ जाएगा। चीन ने भी सीरिया में मिसाइल हमले की निंदा करते हुए इसे इस कार्रवाई को एकतरफा बताया है। चीन के विरोध के बाद अब स्थिति और गंभीर हो सकती है। माना जा रहा है कि चीन के समर्थन के बाद रूस अमरीका पर और आक्रामक हो सकता है। उधर, सीरिया हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बैठक बुलाई है।
Published on:
14 Apr 2018 07:39 pm
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