8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Coronavirus: हुबेई में आठ अप्रैल से सारी सेवाएं हो जाएंगी बहाल, कभी था संक्रमण का मुख्य केंद्र

Highlights वुहान शहर के लिए परिवहन सेवाओं को फिर से शुरू करने की अनुमति। इस शहर से ही कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी दुनिया में फैला था। यहां पर दिसंबर में यह बीमारी उभरी थी।

2 min read
Google source verification
coronavirus

101 वर्षीय बुजुर्ग को अस्पताल से मिली छुट्टी।

बीजिंग। चीन के हुबेई प्रांत में 8 अप्रैल से हालात सामान्य हो जाएंगे। यहां के वुहान शहर के लिए परिवहन सेवाएं दोबारा से बहाल हो जाएंगी। वुहान शहर के लिए परिवहन सेवाओं को फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी गई है। गौरतलब है कि इस शहर से ही कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी दुनिया में फैला था। यहां पर दिसंबर में यह बीमारी उभरी थी। यहां पर बीते कई माह से लॉकडाउन की स्थिति थी।

Coronavirus: चीन छिपा रहा है मौत का आंकड़ा? 2 करोड़ मोबाइल यूजर्स की संख्या हुई कम

प्रांतीय सरकार की वेबसाइट पर एक बयान के अनुसार, वुहान में लोगों को शहर और हुबेई प्रांत छोड़ने की अनुमति दी जाएगी। प्रतिबंधों में ढील कारण है यहां पर लगातार मामालों कमी आई है। बीते कई दिनों से यहां पर एक भी मामला सामने नहीं आया है।

कोरोना के चलते चीन ने वुहान में कड़े कदम उठाए थे। चीन ने वुहान की तरकीबन 56 मिलियन जनता को घरों में लॉकडाउन कर दिया था। माना जा रहा है कि इसी का असर है कि वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में कमी आई है। वहीं, इस माह की शुरुआत में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी वुहान का दौरा किया था। स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया था। चीन में कोरोना वायरस के अब तक 81 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा 3270 लोगों की मौत हो चुकी है।

दस मार्च को जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग वुहान आए थे, तो विश्वास जताया था कि उनकी सरकार द्वारा अभूतपूर्व कदमों के कारण ही इस बीमारी से निपटा जा सका है। 23 जनवरी को चीन ने वुहान और आसपास के क्षेत्रों को बंद करने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए, हुबेई प्रांत में 60 मिलियन लोगों के आंदोलनों को प्रभावी रूप से प्रतिबंधित कर दिया क्योंकि संक्रमण नियंत्रण से बाहर हो गया।

यहां पर हवाई और रेल यात्रा को रोक लगा दी गई। उन लोगों को प्रतिबंधित कर दिया जो कार से जा सकते थे, जबकि कठोर उपायों ने बड़ी सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया। निवासियों को अपने घरों में रखने की मांग की। जैसे-जैसे वायरस विश्व स्तर पर फैलता गया, इटली, फिलीपींस और भारत सहित अन्य देशों ने देशव्यापी लॉकडाउन लगाया।