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मालदीव में लगातार बढ़ रहा चीन का कब्जा, पूर्व राष्ट्रपति ने भारत से लगाई मदद की गुहार

मालदीव में चल रहे सियासी घमासान के बीच वहां के निर्वासित पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भारत दखल देने को कहा है।
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Mohit sharma

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Feb 10, 2018

Maldive

नई दिल्ली। मालदीव में चल रहे सियासी घमासान के बीच वहां के निर्वासित पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भारत दखल देने को कहा है। उन्होंने भारत से मदद की गुहार लगाते हुए कहा है कि वह मालदीव के मौजूदा राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन सरकार के खिलाफ कार्रवाई करे। यहां तक कि नशीद ने इसे भारत की भी समस्या बताया। उन्होंने कहा कि मालदीव के ताजा हालात भारत के लिए भी अच्छी बात नहीं है। नशीद ने कहा कि मालदीव में चीनी दखलअंदाजी बढ़ती जा रही है और इस्लामिक कट्टरता पैर पसार रही है। नशीद के अनुसार चीन ने यहां 17 द्वीपों पर कब्जा जमा लिया है।

क्या है मालदीव संकट

मालदीव की सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच जारी टकराव की वजह से वहां पर गंभीर राजनीतिक संकट उत्‍पन्‍न हो गया है। भारत सरकार ने इस मामले में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने का संकेत दिया है तो चीन ने वहां पर अपनी गतिविधियां बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि अगर राष्‍ट्रपति यामीन ने चीन से दखल देने की अपील की तो वह इस मामले में हस्‍तक्षेप भी कर सकता है। जबकि पूर्व राष्‍ट्रपति गयूम और मोहम्‍मद नासीद भारत से कूटनयिक और सैन्‍य हस्‍तक्षेप की अपील कर चुके हैं। आपको बता दूं कि नवंबर, 1988 में मालदीव में उत्‍पन्‍न इसी तरह के संकट की स्थिति में भारत ने सैन्‍य हस्‍तक्षेप के बल पर संकट का समाधान निकालने में कामयाबी हासिल की थी। इस बार भी सेना को तैयार रहने को कहा गया है। हालांकि इस बात की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। वहां के हालात देखकर भारत एसओपी के तहत पहले ही यात्रा परामर्श जारी कर चुका है। वर्ष 2011 तक मालदीव में दूतावास तक नहीं बनाने वाले देश चीन ने हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से स्थित मालदीव में अपने हितों का विस्तार किया है।