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कट्टरवादी मुस्लामानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में चीन, दिया 30 दिनों के अंदर सरेंडर के आदेश

जारी किए गए अल्टीमेटम में 'अतिवाद, अलगाववाद और आतंकवाद में लिप्त लोगों को 30 दिन के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है।'

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Shweta Singh

Nov 19, 2018

Chinese govt orders people poisoned by extremism surrender within 30 days

कट्टरवादी मुस्लामानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में चीन, दिया 30 दिनों के अंदर सरेंडर के आदेश

बीजिंग। चीन ने अतिवाद से निपटने के लिए कड़े कार्रवाई की योजना बनाई है। दरअसल सरकार ने वहां के शिनजियांग प्रांत में कट्टरवाद के खिलाफ कड़ा रूख अपनाते हुए ऐसे मामले से लिप्त लोगों से निपटने का आदेश जारी किया है। जारी किए गए अल्टीमेटम में 'अतिवाद, अलगाववाद और आतंकवाद में लिप्त लोगों को 30 दिन के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है।'

आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी किया गया नोटिस

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि चीनी प्रशासन ने बाहरी आतंकी गुटों से संबंधित लोगों को इस तय वक्त के भीतर सरेंडर होने का आदेश दिया है। इस आदेश को पश्चिमी सूबे के हामी शहर की सरकार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर रविवार को जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि जो भी संदिग्ध तय समय के भीतर न्यायिक संस्थाओं के सामने सरेंडर करेंगे उनके साथ नरमी बरतवे के साथ-साथ कम सजा देकर ही छोड़ दिया जा सकता है।

इसी इलाके में अबतक हुई ज्यादातर गिरफ्तारियां

पिछले कुछ महीनों में उइगुर समुदाय के लोगों की भारी संख्या में गिरफ्तारी के बाद चीनी सरकार को समाजिक कार्यकर्ताओं, विशेषज्ञों और विदेशी सरकारों की ओर से भारी विरोध झेलना पड़ा है। हालांकि चीन इन विरोधों को अलग करते हुए दावा करता रहा कि वे अल्पसंख्यकों के धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। गिरफ्तारी पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से ऐसे कट्टरवादी समूहों पर ऐसी कार्रवाई जरूरी है। बता दें कि गिरफ्तार हुए ज्यादातर लोगों में अधिकतर लोग इसी इलाके के निवासी थे, जहां के लिए नोटिस जारी किया गया है।

नोटिस में दिया गया है ये आदेश

प्रशासन ने जारी किए गए अपने नोटिस में कहा, 'ऐसे सभी लोगों को सरेंडर करने का आदेश दिया जाता है, जो किसी तरह के आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित हैं या फिर अतिवाद, अलगाववाद और आतंकवाद से किसी भी रूप में प्रभावित हैं। इस तरह के सभी लोगों को आदेश दिया जा रहा है कि 30 दिन के अंदर सरेंडर कर दें। अपने अपराध को स्वीकार करने के साथ उससे जुड़े तथ्य मुहैया कराएं।