
हांगकांग। चीन के केंद्र सरकार ने अब हांगकांग में बढ़ रहे प्रदर्शन पर हस्तक्षेप करने का मन बना लिया है। वहीं, शुक्रवार को कुछ चीनी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि अगर चीन ने इन विरोध प्रदर्शनों में दखल दिया होता तो भी 30 साल पहले हुई तियाननमेन कार्रवाई दोहराई नहीं जाएगी। ये दावा चीन के सरकारी समाचार पत्र के संपादकीय में किया गया।
चीन की क्षमता में खासा वृद्धि
समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि चीन अब बहुत मजबूत और अधिक परिपक्व हुआ है। साथ ही जटिल परिस्थितियों से निपटने की उसकी क्षमता में खासा वृद्धि भी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया चीन ने हांगकांग में विरोध प्रदर्शन के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करने का फैसला किया है, लेकिन यह भी कहा है कि यह विकल्प साफ तौर पर चीन के अधिकार में हैं।
हो सकती है बुनियादी कानून पर आधारित कार्रवाई
संपादकीय में कहा गया है, 'शेन्झेन में एकत्र हो रही पीपुल्स आर्म्ड पुलिस ने साफ तौर पर हांगकांग के दंगाइयों को चेतावनी दी है। अगर हांगकांग अपने दम पर कानून-व्यवस्था को बहाल नहीं कर सकता और दंगे तेज होते हैं तो यह जरूरी है कि केंद्र सरकार सीधी कार्रवाई करेगी, जो बुनियादी कानून पर आधारित होगी।'
चीन के खिलाफ जानबूझकर भड़का रहा अमरीका
बुनियादी कानून के तहत हांगकांग सरकार शहर में विभिन्न बैरकों में स्थित चीनी जवानों को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग के लिए कह सकती है। कई अमरीकी सांसदों द्वारा हांगकांग प्रदर्शनकारियों को लेकर समर्थन जाहिर करने के बाद लेख में अमरीका को लेकर भी विचार जाहिर किए गए हैं। इसमें कहा गया कि अमरीकी राजनेता जानबूझकर चीन की तरफ उंगली दिखा रहे हैं। यह साफ है कि वे उस युग को समझने में विफल रहे हैं, जिसमें वे जी रहे हैं।
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Updated on:
16 Aug 2019 05:05 pm
Published on:
16 Aug 2019 05:02 pm
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