इंडोनेशिया में फिर भूकंप के झटके, मृतकों की संख्या बढ़कर 1200 के पार

आज आए भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई।

By: Shweta Singh

Updated: 02 Oct 2018, 01:37 PM IST

जकार्ता। इंडोनेशिया इस वक्त कूदरत की मार झेल रहा है। शुक्रवार को आए भयंकर भूकंप और सुनामी के बाद मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ताजा जानकारी के मुताबिक सुलावेसी द्वीप में हुए इस त्रासदी में अबतक लगभग 1234 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मंगलवार को भी दोबारा भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।

भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 5.9

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आज आए भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई। हालांकि इसके वजह से किसी बड़े हानि की कोई जानकारी नहीं मिली है। बता दें कि सूबे में 7.5 तीव्रता वाले भूकंप और सुनामी में उठी पांच-पांच फुट की ऊंची लहरों से अब तक भारी तबाही हो चुकी है। इस कारण लाखों की तादाद में लोग बेघर हुए हैं। मृतकों के अलावा कम से कम 540 लोगों के बुरी तरह घायल होने की भी खबर जानकारी मिल रही है।

शवों को दफनाने के लिए सामूहिक कब्र

इस आपदा से बचे हुए लोग अधिकारियों के साथ मिलकर राहतकार्य कर रहे हैं। अधिकारियों से मिल रही जानकारी के मुताबिक मृतकों के शवों को दफनाने के लिए सामूहिक कब्र खोदी जा रही हैं। वहीं अस्पतालों को एक साथ इतनी तादाद में भर्ती हुए घायलों के इलाज में काफी समस्याएं आ रहीं हैं।

सेना करेगी खोज एवं बचाव टीम की मदद

इस संबंध में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने बयान जारी कर आश्वस्त किया है कि क्षेत्र में सेना की तैनाती की गई है। सेना की मदद से पीड़ितों के राहतकार्यों में और शवों को तलाशी में खोज एवं बचाव टीम का काम कुछ आसान हो सकेगा। कुछ सरकारी विमान राहत सामग्री लेकर पालू के प्रमुख हवाई अड्डे तक पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाले पालू में सुनामी की चपेट में आने से सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है।

तीन जेलों से करीब 1200 कैदी फरार

जानकारी के मुताबिक भूकंप और सुनामी से सर्वाधिक प्रभावित हुए क्षेत्रों की तीन जेलों से करीब 1200 कैदी फरार हो गए हैं। बताया जा रहा है कि भूकंप की वजह से तीनों जेलों की दीवारें टूट गई जिसका फायदा कैदियों ने उठाया। जब भूकंप आया तो जेल में अफरा-तफरी का मौहाल पैदा हो गया। सुरक्षाकर्मी कैदियों को रोकने में असफल रहे। इस बारे में एक न्यायिक अधिकारी ने बताया कि सड़कों पर लोग भाग रहे थे इसी दौरान कैदी भी झुंड में भागकर आम लोगों में शामिल हो गए ऐसे में पहचान करना काफी मुश्किल काम था।

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