
नई दिल्ली। मुस्लिम धर्म गुरुओं और उलेमाओं की ओर से महिलाओं को लेकर अक्सर फतवे या नियम कायदे जारी होते रहते हैं, लेकिन इस बार मिस्र के एक नामचीन मौलवी ने न केवल महिलाओं बल्कि मानवीय रिश्तों को तार-तार करने वाला बयान दिया है। मौलवी का कहना है कि इस्लाम पुरुषों को अपनी बेटी से शादी करने की अनुमति देता है, इसलिए उन्हें ऐसा करने में कोई परहेज नहीं हैं। हालांकि यहां मौलवी का संकेत नाजायज बेटियों से था। इमाम अल-शफी नाम के मौलवी का कहना है कि नाजायज बेटियों का आधिकारिक रूप से पिता से कोई सीधा रिश्ता नहीं रहता, लिहाजा वो अपने पिता से शादी करने सकती हैं। मौलवी द्वारा दिए गए इस बयान वाली वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
वीडियो हुआ वायरल
जानकारी के मुताबिक यह वीडियो मिस्र के प्रसिद्ध अल-अजहर विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले अल-सेरसावी ने शेयर किया है। इसके साथ ही सेरसवी ने कहा है कि अल-शफी समझते हैं कि यदि कोई लड़की नाजायज संबंधों के चलते पैदा हुई है तो पिता को उससे शादी और सेक्स करना का अधिकार है। वो मानते हैं कि ऐसी बेटियां वास्त में उस शख्स की बेटी नहीं है। इमाम का यहां तक कहना है कि ऐसी बेटियों का अपने पिता के नाम से कोई जुड़ाव नहीं होता, इसलिए शरिया ऐसे लड़कियों को वास्तवितक बेटी नहीं मानता। बता दें कि सोशल मीडिया पर अब वायरल यह विडियो साल 2012 का है, लेकिन चर्चा में अब आया है।
धर्म गुरुवाओं में छिड़ी बहस
वहीं दूसरी मौलवी के इस बयान ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। कई मुस्लिम धर्म गुरू उनके इस बयान पर आपत्ति जता रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर इंटरनेट और सोशल साइट पर इस मौलवी की खूब आलोचना की जा रही है। आपको बता दें कि इसी साल मिस्र के एक अन्य मुस्लिम धर्म गुरू ने एक टीवी चर्चा में कहा था कि शरिया में लड़कियों की शादी की कोई तय उम्र फिक्स नहीं है, लिहाजा उनके जन्म के समय भी उनकी शादी की जा सकती है।
Published on:
05 Nov 2017 01:39 pm
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