
मालेः मालदीव में 23 सितंबर को होने जा रहे चुनाव से पहले सत्तारूढ़ पार्टी मीडिया पर दबाव बना रही है। ह्यूमन राइट वॉच की दक्षिण एशिया की निदेशक मीनाक्षी गांगुली का आरोप है कि सरकार मीडिया पर हाबी होने की कोशिश कर रही है। सरकार के पक्ष में खबर दिखाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मीनाक्षी गांगुली का कहना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है कि राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की सुरक्षा का हवाला देकर पत्रकारों की आवाज को दबाया जा रहा है।
निजी चैनल पर लगा जुर्माना
मालदीव के निजी टीवी चैनल राजजे टीवी पर सरकार विरोधी खबर प्रसारण के लिए जुर्माना लगाया गया है। ये जुर्माना मालदीव ब्रॉडकास्टिंग कमीशन (एमबीसी) की तरफ से लगाया गया है। बताया जा रहा है कि चैनल पर एंटी-डिफैमेशन एक्ट 2016 के तहत जुर्माना लगाया गया है। बता दें कि इस कानून के तहत न्यूज चैनल को 30 दिनों के अंदर जुर्माना को अदा करना होता है। अगर मामला कोर्ट में है तो भी जुर्माना को भरना पड़ता है।
न्यूज चैनल पर ये है आरोप
ब्रॉडकास्टिंग कमीशन का आरोप है कि राजजे टीवी चैनल ने ऐसी सामग्री का प्रसारण किया जिससे देश और राष्ट्रपति की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। बता दें कि इस टीवी चैनल पर 2016 से अब तक चार बार भारी जुर्माना लगाया गया है। हर बार मालदीव ब्रॉडकास्टिंग कमीशन का एक ही जैसे तर्क होता है कि चैनल ने जिस सामग्री का प्रसारण किया है उससे देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। उधर, चैनल ने मालदीव ब्रॉडकास्टिंग कमीशन की तरफ से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। चैनल प्रमुख का कहना है कि मालदीव ब्रॉडकास्टिंग कमीशन सरकार के नियंत्रण में है और यह निर्णय सरकार के दबाव में लिया गया है।
Published on:
14 Sept 2018 03:58 pm
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