
पेशावर। पाकिस्तान के विपक्षी दल जमात-ए-इस्लामी ने कश्मीर मामले की आड़ में इमरान खान पर निशाना साधा है। पार्टी ने इमरान सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पाकिस्तान को इस मामले में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
'पहले से ही हो गया है कश्मीर का सौदा'
पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, कश्मीर मामले में भारत सरकार के फैसले के खिलाफ यहां आयोजित एक रैली में जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख सीनेटर सिराजुल हक ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि जमात को कश्मीर पर इमरान सरकार की नीतियां मंजूर नहीं हैं। लेकिन ऐसा लग रहा है कि 'भारत के कब्जे वाले कश्मीर को लेकर कोई सौदा पहले ही तय किया जा चुका है।'
अमरीका की मदद ठीक नहीं
'कश्मीर बचाओ अवामी मार्च' के दौरान हक ने कहा कि कश्मीर के लोग पाकिस्तान की तरफ मदद के लिए देख रहे हैं। जबकि पाकिस्तान सरकार डोनाल्ड ट्रंप से मध्यस्थता के लिए कोशिश कर रही है। उन्होंने सरकार को इस मामले में अमरीका को शामिल नहीं करने की सलाह देते हुए मजबूत कदम उठाने को कहा।
उन्होंने कहा कि कश्मीर का मामला पाकिस्तान के लिए जिंदगी और मौत का मामला है। अगर सरकार इसे लेकर ठोस कदम नहीं उठाती तो 'जमात कश्मीर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी।'
मोदी को UAE में सम्मान से लगी मिर्ची
इस दौरान जमात प्रमुख संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च सम्मान देने पर भी नाखुश दिखे। उन्होंने कहा कि यूएई के शासकों ने ऐसा कर मुसलमानों के प्रति अपनी गैरवफादारी का प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस्लामी देशों से कश्मीर मामले में चुप नहीं रहने का आग्रह किया। रैली में जमात के एक अन्य सीनेटर मुश्ताक अहमद ने यह भी दावा किया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान ने पाकिस्तानी वायुसीमा का उल्लंघन किया और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को इसकी खबर नहीं हुई।
Updated on:
26 Aug 2019 06:18 pm
Published on:
26 Aug 2019 06:16 pm

बड़ी खबरें
View Allएशिया
विदेश
ट्रेंडिंग
