Imran Khan ने किया पलटवार, कहा- जिया उल हक के जूते पॉलिश कर यहां तक पहुंचे नवाज शरीफ

Highlights

  • नवाज शरीफ ने शनिवार को बाजवा पर चुनाव में धांधली के आरोप लगाए थे।
  • इमरान सरकार को आईएसआई और सेना की कठपुलती बताया था।

By: Mohit Saxena

Updated: 18 Oct 2020, 03:36 PM IST

लाहौर। बीते कुछ दिनों से पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ वर्तमान सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वह पाक में रैलियों के जरिए इमरान खान की जमकर आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार को बाजवा पर चुनाव में धांधली के आरोप लगाए थे। वहीं इमरान सरकार को सेना की कठपुतली सरकार बताया है।

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नवाज पर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं

प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के इस बयान पर पीएम इमरान खान ने पलटवार किया है। नवाज शरीफ पर तंज कसते हुए इमरान ने कहा कि पीएमएल-एन सुप्रीमो 1980 में मॉर्शल लॉ के दौरान जनरल जिया उल हक के जूते पॉलिश कर राजनीति में घुस आए थे। उन्होंने नवाज पर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। इमरान ने कहा कि शरीफ उस सेना के खिलाफ बोल रहे है, जो सेना राष्ट्र के लिए अपना बलिदान देती है।

2017 में कोर्ट ने सत्ता से हटा दिया

गौरतलब है कि तीन बार देश के पीएम रहे 70 वर्षीय नवाज शरीफ को 2017 में कोर्ट ने सत्ता से हटा दिया था। इसके बाद से उन्होंने पहली बार शनिवार को एक रैली में सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद पर सरकार गिराने के आरोप लगाए।

लाहौर से 80 किमी दूर गुजरांवाला में रैली

शरीफ ने देश की सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई पर उन्हें अपदस्थ करने का आरोप लगाया है। इसके साथ उन्होंने इमरान सरकार को एक कठपुतली सरकार बताया। इमरान सरकार दोनों के इशारों पर काम करती है। शरीफ लाहौर से लगभग 80 किमी दूर गुजरांवाला में 11 विपक्षी दलों के गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) को संबोधित कर रहे थे।

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20 सितंबर को पीडीएम का गठन

विपक्षी दलों ने 20 सितंबर को पीडीएम का गठन किया। उन्होंने तीन चरण में सरकार विरोधी अभियान चलाने की घोषणा की। इसके तहत इमरान खान सरकार को सत्ता से हटाने को लेकर देशभर में जन सभाएं, प्रदर्शन और रैलियां आयोजित हो रही हैं। सरकार विरोधी गतिविधियों में जनवरी 2021 में इस्लामाबाद के लिए एक लंबा मार्च निकाला जाएगा।

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