
India Receive Boeing P-8i Aircraft Next Month From America, China-Pak Submarines Will Hunt in Arabian Sea
वॉशिंगटन। भारत और चीन ( India China Tension ) के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी (LAC) पर विवाद गहराता जा रहा है, वहीं अरब सागर और हिंद महासागर में भी चीन अपनी दखलअंदाजी बढ़ाता जा रहा है। चीन की शह पर पाकिस्तान भी हिंद महासागर में घुसपैठ करने का कोशिश करता रहा है।
ऐसे में अब चीन-पाकिस्तान को अरब सागर और हिंद महासागर ( Arabean Sea And Indian Ocean ) में मात देने के लिए भारतीय सेना अपनी ताकत को बढ़ा लिया है। दरअसल, अमरीका अगले महीने भारत को अपना सबसे बड़ा शिकारी विमान देने जा रहा है, जो चीन की पनडुब्बियों का पलक झपकते ही शिकार करेगा।
बताया जा रहा है कि अमरीका अगले महीने भारत को अपना नया बोइंग P-8i निगरानी विमानों का जत्था सौंपेगा। ये सभी विमान पहले से भारतीय नौसेना में मौजूद बेड़े में शामिल होंगे। P-8i विमानों को हंटर के नाम से जाना जाता है। हिंद महासागर और अरब सागर में चीनी युद्धपोतों और पनडुब्बियों की बढ़ती घुसपैठ के बीच अमरीका का भारत को ये घातक विमान सौंपना बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।
गोवा में तैनात किए जाएंगे ये विमान
आपको बता दें कि अमरीका से भारत को मिलने वाले नए P-8i विमानों को कई नई तकनीकों और हथियारों से लैस किया गया है। इन विमानों को भारत के पश्चिमी तट पर गोवा के हंसा नेवल बेस पर तैनात किया जाएगा।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन घातक विमानों के आने से भारत हिंद महासागर और अरब सागर में चीन-पाकिस्तान के पनडुब्बियों और युद्धपोतों का आसानी निशाना बनाते हुए उसका खात्मा कर सकता है।
बता दें कि भारत के पास पहले से ही 8 P-8i विमान है। ये सभी विमान तमिलनाडु के अरक्कोनम में तैनात है। इससे भारतीय नौसेना पूरे मलक्का स्ट्रेट और अंडमान सागर में चीनी पनडुब्बियों और युद्धपोतों पर इंडियन नेवी नजर रख रही है। इन विमानों को जरूरत पड़ने पर ही पूर्वोत्तर या लद्दाख में भेजे जाते हैं। ये विमान अत्याधुनिक रडार से लैस हैं, जो किसी भी तरह के घुसपैठ को पकड़ने में सक्षम हैं।
अत्याधुनिक हथियारों से लैस है P-8i
आपको बता दें कि अमरीकी कंपनी बोइंग द्वारा बनाए गए P-8i विमान में कई तरह के अत्याधुनिक हथियार लगाए गए हैं। इन विमानों में सबमरीन का शिकार करने के लिए मार्क-54 तारपीडो, मार्क-84 डेप्थ चार्ज और घातक बमों से लैस किया गया है। इसके अलावा एजीएम-84 हार्पून एंटी शिप मिसाइलें भी लगाई गई हैं।
P-8i में मैगनेटिक अनोमली डिटेक्शन सिस्टम (मैड) लगा है, जो पानी के अंदर छिपी पनडुब्बियों को ढूंढ निकालता है। साथ ही इसमें ऐसे रड़ार लगे हैं जो लंबी दूरी तक नजर रखने और जासूसी करने में सक्षम हैं।
इस विमान की स्पीड 789 किमी प्रतिघंटा है और ऑपरेशनल रेज 1200 मील है। यह करीब 40 हजार फुट की ऊंचाई पर उड़ान भरता है। आपको बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक अहम समझौता हुआ है। ऐसे में चीन को जवाब देने के लिए भारत P-8i विमानों को ऑस्ट्रेलिया के कोकोस द्वीप पर भी तैनात कर सकता है।
Updated on:
24 Sept 2020 07:16 pm
Published on:
24 Sept 2020 06:58 pm
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