
नई दिल्ली। दक्षिण चीन सागर पर लगातार बढ़ रही चीन की आक्रामकता को संतुलित करने के लिए भारत और अमरीका ने हिंद महासागर में सैन्य गठजोड़ की शुरुआत की है। यह पहल आसियान बैठक में शामिल होने गए मनीला पहुंचे पीएम मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात के दौरान देखने को मिली। बता दें कि सामरिक महत्व के एशिया प्रशांत क्षेत्र में अमरीका भारत के लिए बड़ी भूमिका की पैरवी कर रहा है। यही कारण है ट्रंप ने इसको भारत प्रशांत क्षेत्र की संज्ञा भी दी थी। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई। दोनों नेता बैठक के दौरान कई मुद्दों पर बात हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से मुलाकात कर कहा कि भारत और अमरीका के बीच रिश्ते काफी पुराने और मजबूत हैं। दोनों देश एशिया और मानवता के लिए साथ मिलकर काम करेंगे।
आतंक पर सहयोग का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के साथ द्विपक्षीय संबंधों को लेकर विस्तृत बातचीत के बाद दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग के लिए चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने आतंकवाद को दोनों देशों और क्षेत्र के सामने मौजूद बड़ा खतरा बताते हुए इस चुनौती से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया। वहीं भारत और फिलीपींस ने जहां आतंकवाद को बड़ा खतरा बताते हुए इससे निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया
जापान के पीएम से हुई मुलाकात
आसियान ने पीएम मोदी ने सम्मेलन में आए दूसरे नेताओं से भी मुलाकात की। मंगलवार को उन्होंने जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मुलाकात की। वहीं दूसरी नए गठजोड़ के रूप में उभर रहे चार देश भारत, अमरीका, जापान और ऑस्ट्रेलिया बीच सामरिक महत्व के भारत-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त, खुला और समावेशी रखने के लिये महत्वपूर्ण बैठकें हुई।
Published on:
14 Nov 2017 11:17 am
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