
हेग में फिर शर्मिदा हुआ पाकिस्तान, भारत के राजनयिक से हाथ मिलाने से किया साफ इनकार
हेग। पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ चुका है। इसी के साथ दोनों देशों के बीच काफी समय से विवाद का कारण रहे कुलभूषण जाधव के मामले पर सुनवाई शुरु हो गई है। अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) में सोमवार को इस मामले की सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच की बढ़ी खटास साफ देखने को मिली, जब भारतीय विदेश मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी दीपक मित्तल ने पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया।
हाथ न मिलाकर दूर से ही हाथ जोड़ लिया
भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान ने जासूसी का आरोप लगाया है। इस पर आईसीजे में चार दिनों तक सुनवाई चलेगी। बीते 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनातनी काफी बढ़ चुकी है। यही वजह रही कि वहां मंसूर खान की ओर से बढ़े हाथ को ज्वाइंट सेक्रेटरी दीपक मित्तल ने थामने से इनकार कर दिया। यह वाकया तब का है, जब दोनों आईसीजे में सुनवाई से पहले एक दूसरे के आमने-सामने आए थे। इस दौरान मंसूर खान ने दीपक मित्तल की तरफ हाथ बढ़ाया, लेकिन मित्तल ने हाथ न मिलाकर दूर से ही हाथ जोड़ लिए।
कोर्ट में भारत की दलील
गौरतलब है कि भारत की ओर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में वकील हरीश साल्वे ने कुलभूषण जाधव के पक्ष में अपनी दलील रखी। साल्वे ने कोर्ट के समक्ष कहा कि पाक मिलिट्री कोर्ट की सुनवाई सही नहीं है। बिना जांच और सबूत के जाधव को सजा दी गई है। कुलभूषण जाधव को रिहा किया जाए। किसी जांच का कोई ब्योरा नहीं है। कोर्ट में साल्वे ने कहा- कुलभूषण जाधव से उनके परिवार को जिस तरह से मिलाया गया वो हास्यास्पद और निराशाजनक था। इसके खिलाफ पाकिस्तान को पत्र भी लिखा था, लेकिन पत्र का जवाब नहीं दिया। आपको बता दें कि आईसीजे में 18 फरवरी से शुरू होने वाली सुनवाई 21 फरवरी तक जारी रहेगी।
Updated on:
18 Feb 2019 09:24 pm
Published on:
18 Feb 2019 07:12 pm
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