दमिश्क। हमेशा मासूमों के कत्लेआम, युद्ध और बर्बरता की खबरों में छाए रहने वाले आतंकी संगठन आईएस का एक अलग चेहरा भी है। जिसे कविताओं और गाने में भी रूचि है और अपने इस शौक के लिए बकायदा उसने अपना दरबारी कवि भी नियुक्त किया है, वो भी एक महिला को। हमेशा महिलाओं का शोषण करने और उन्हें यातनाएं देने वाले इस संगठन ने अहलम अल-नसर को 'इस्लामिक स्टेट की कवयित्री' का दर्जा दिया है।