
टोक्यो। जापान के पीएम शिंजो आबे (Shinzo Abe) जनता के बीच नाकारत्मक छवि के रूप में उभरे हैं। बीते दो महीने से उनकी लोकप्रियता में गिरावट देखने को मिल रही है। एक सर्वे के अनुसार कोरोना काल में उनके रवैये को जनता ने पसंद नहीं किया है। जबकि जापान में अन्य देशों के मुकाबले कोरोना वायरस (Coronavirus) के मरीज बहुत कम हैं। यहां पर 16,536 संक्रमण के मामले हैं, जिसमें 13,244 केस ठीक हो गए है। वहीं इससे मरने वालों की संख्या 808 है। ये आंकड़े बताते हैं कि सरकार ने सुरक्षित कदम उठाकर मामलों को रोकने में सफलता पाई है। मगर इसके बावजूद आबे की तुलना ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो से की जा रही है, जो अपने बड़बोलनेपन के लिए लोकप्रिय हैं।
सर्वेक्षण (Survey) से पता चलता है कि जापानी जनता के आधे से अधिक लोग वायरस से निपटने में सरकार की भूमिका की उपेक्षा करते हैं। सीमित परीक्षण, चिकित्साकर्मियों के लिए सुरक्षात्मक गियर की कमी, आपातकालीन स्थिति को लागू करने में संकोच ने लोगों के बीच अविश्वास को हवा दी है। जापान में बीते दिनों आम जनता के बीच मास्क बांटे गए थे। जिसे घटिया करार दिया गया था। इन मास्क को लेकर लोगों ने आबे सरकार का जमकर मजाक उड़ाया है। इसके साथ अस्पतालों में मरीजों के इलाज की सही व्यवस्था न होना और चिकित्सा कर्मियों की कमी को विपक्ष ने मुद्दा बनाया है।
जापानी कानून के मुताबिक आपातकाल में भी किसी बिजनस को बंद करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। मगर इसके बावजूद यहां पर कई कंपनियों ने जानबूझकर वर्क फॉम होम की पॉलिसी शुरू कर दी है। सरकार की तरफ से अपील के बाद ऐसा संभव हो पाया। एक समय था जब ये अंदाजा लगाया जा रहा था कि यहां पर 4 लाख से अधिक जाने जा सकती है। मगर इसे सरकारी की कामयाबी मानी जाएगी कि मौत के आंकड़े को बढ़ने नहीं दिया। जापान अभी स्थिति नियंत्रण में है।
Updated on:
24 May 2020 11:15 am
Published on:
24 May 2020 11:10 am
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