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पत्रकारों के लिए सेफ नहीं पाकिस्तान! सेना के मुख्यालय के पास जर्नलिस्ट को गोलियों से भूना

सेना के मुख्यालय के पास वारदात को दिया गया अंजाम

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Kapil Tiwari

Mar 03, 2018

pakistan journalist

Journalist died in PAK

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में पत्रकारों पर होने वाले हमलों में कमी नहीं आ रही है। पाकिस्तान में जर्नलिस्टों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। ताजा मामला हाई सिक्योरिटी वाले रावलपिंडी का है, जहां एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक पत्रकार की पहचान अंजुम मुनीर रजा के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 40 साल बताई जा रही है।

घात लगाकर किया सेना पर हमला
ये वारदात गुरुवार रात की बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने अंजुम मुनीर पर घात लगाकर हमला किया। जानकारी के मुताबिक, अंजुम गुरुवार की देर रात मोटरसाइकिल पर घर लौट रहा था, तभी बाइक पर आए हमलावरों ने उसे गोली मार दी। अंजुम मुनीर की मौके पर ही मौत हो गई।

सेना के मुख्यालय के पास पत्रकार को मारी गोली
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, पत्रकार को गोली मारने की इस वारदात को अंजाम सेना के मुख्यालय से कुछ दूरी पर ही दिया गया। बताया जा रहा है कि अंजुम मुनीर के सिर, गर्दन और शरीर के कई हिस्सों पर गोली लगी है। जानकारी के मुताबिक, अंजुम मुनीर को छह गोलियां लगी हैं। हमलावर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

एक उर्दू अखबार में उप-संपादक था मुनीर
अंजुम के चाचा तारिक महमूद ने बताया कि अंजुम का एक पांच साल का बेटा है। वह सुबह एक स्‍कूल में बच्‍चों को पढ़ाता था और शाम को इस्‍लामाबाद स्थित एक उर्दू अखबार में उप-संपादक के तौर पर काम करते था। महमूद ने कहा कि उनके भतीजे की किसी के साथ कोई निजी दुश्मनी नहीं थी। उन्‍होंने इस तरह के 'अत्यधिक सुरक्षित' क्षेत्र में अंजुम की हत्या पर हैरानी भी जताई।

पत्रकारों ने की है सुरक्षा की मांग
पाकिस्‍तान के पत्रकार समुदाय ने अंजुम की हत्या पर निंदा व्‍यक्त करते हुए हमलावरों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। अंजुम के हत्यारों को अगर जल्द ही नहीं पकड़ा जाता है, तो पत्रकारों ने अपनी जान को भी खतरा बनाते हुए सुरक्षा की मांग की है। सुरक्षा ना दिए जाने पर पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन की धमकी दी है।

पिछले साल ही एक रिपोर्टर की हुई थी हत्या
आपको बता दें कि पाकिस्तान में जर्नलिस्टों पर हमले की ये कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार पत्रकारों को पाकिस्तान में निशाना बनाया जा चुका है। 2017 में एक हथियारबंद हमलावर ने रिपोर्टर अहमद नूरानी पर भी हमला कर दिया था। गाड़ी से निकलते ही नूरानी के सिर पर चाकू से वार किया गया था।

पत्रकारिता के लिहाज से सबसे खतरनाक देश है पाकिस्तान
आपको बता दें कि पत्रकारिता के लिहाज से पाकिस्तान को दुनिया का सबसे खतरनाक देश माना जाता है। फ्रांस स्थित वॉचडॉग रिपोर्टर विन्ड बॉर्डर्स (आरएसएफ) ने पिछले साल मई में अपनी वार्षिक प्रेस फ्रीडम रिपोर्ट में ये जानकारी दी थी। आरएसएफ द्वारा संकलित 2017 वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स के मुताबिक, पाकिस्तान 180 देशों में से 139वे स्थान पर है। पाकिस्तान में पिछले 15 सालों में कम से कम 117 पत्रकार मारे गए हैं।